दिव्या काकरन ने एशियन गेम्स 2018 (Asian Games 2018) में 68 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता थाfrom Latest News अन्य खेल News18 हिंदी https://ift.tt/2Dzqxyk
Ayurveda health tips, letest News ,hestori, health tips, benefits of fruits, carrent affairs, and
दिव्या काकरन ने एशियन गेम्स 2018 (Asian Games 2018) में 68 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता था
सौरभ वर्मा (Sourabh Verma) ने सेमीफाइनल मुकाबले में कोरियाई खिलाड़ी पर जीत दर्ज की
सूजी के पकौड़े खाने में काफी टेस्टी लगते हैं. क्या आपने खाए हैं कभी सूजी के पकौड़े. आइए आज जानते हैं सूजी के पकौड़े बनाने की रेसिपी....
मैरीकॉम (MC Marykom) से लेकर डाना टोरेस (Dana Torres) तक ऐसी कई महिला एथलीट हैं जिन्होंने मां बनने के बावजूद करियर जारी रखा
प्राजक्ता सावंत (Prajakta Sawant) डब्लस बैडमिंटन खिलाड़ी हैं और उन्होंने साउथ एशियन गेम्स (South Asian Games) में खिलाड़ियों के चयन पर सवाल उठाए
तेइस साल की चैंपियन ऋतुपर्णा दास (Rituparna Das) को 39 मिनट चले महिला एकल सेमीफाइनल में चाइवान के खिलाफ 22-24 15-21 से शिकस्त झेलनी पड़ीलाइफस्टाइल डेस्क. फिलीफिन्स की राजधानी मनीला से 17 किलो मीडर दूर सिटियो परिहाना नाम एक गांव हैं, ये गांव समुद्र किनारे बसा हुआ है। लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते समुद्र जल स्तर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे ये गांव सिमटता जा रहा है। जल स्तर बढ़ने की वजह से गांव हर साल 4 सेंटीमीटर घटता जा रहा है। यहां हालात ऐसे हैं कि चलने के लिए जमीन बामुश्किल नसीब होती है। बच्चे नाव के जरिए स्कूल जाते हैं। ये समस्या एशिया के कई देशों में देखी जा रही है। इसका असर सबसे ज्यादा गरीब समुदायों में देखने को मिल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन 2-13 दिसंबर से मैड्रिड में आयोजित किया जाएगा। समिट में संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग और यूरोप में आई बाढ़ को शामिल किया जाएगा। ऐसे में फिलीफीन्स की जनता सरकार पर दबाव बना रही है कि सिटियो परिहाना जैसे मुद्दे को भी समित में उठाया जाए।
नहीं बचा पीने लायक पानी
नाव के बिना जिंदगी की कल्पना नहीं करते रहवासी
लाइफस्टाइल डेस्क. फिलीफिन्स की राजधानी मनीला से 17 किलो मीडर दूर सिटियो परिहाना नाम एक गांव हैं, ये गांव समुद्र किनारे बसा हुआ है। लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते समुद्र जल स्तर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे ये गांव सिमटता जा रहा है। जल स्तर बढ़ने की वजह से गांव हर साल 4 सेंटीमीटर घटता जा रहा है। यहां हालात ऐसे हैं कि चलने के लिए जमीन बामुश्किल नसीब होती है। बच्चे नाव के जरिए स्कूल जाते हैं। ये समस्या एशिया के कई देशों में देखी जा रही है। इसका असर सबसे ज्यादा गरीब समुदायों में देखने को मिल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन 2-13 दिसंबर से मैड्रिड में आयोजित किया जाएगा। समिट में संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग और यूरोप में आई बाढ़ को शामिल किया जाएगा। ऐसे में फिलीफीन्स की जनता सरकार पर दबाव बना रही है कि सिटियो परिहाना जैसे मुद्दे को भी समित में उठाया जाए।
नहीं बचा पीने लायक पानी
नाव के बिना जिंदगी की कल्पना नहीं करते रहवासी
जी साथियान (G Sathiyan) को वर्ल्ड नंबर आठ टीमो बुल (Timo Bull) ने 4-1 से मात देकर टूर्नामेंट से बाहर कियाहेल्थ डेस्क. सर्दियों के मौसम में कई तरह केफल बाजार में मिलने लगते हैं। ये रसीले और बेहद स्वादिष्ट होते हैं। इन मौसमी फलों में कई गुण भी छुपे होते हैं जो हमारे शरीर को पोषण देते हैं। सर्दियों में मिलने वाले फल आंखो से लेकर मसल टिशू के लिए फायदेमंद होते हैं। फूड ब्लॉगर मानसी पुजारा से जानिए सर्दियों में मिलने वाले फलों के बारे में...
हेल्थ डेस्क. सर्दियों के मौसम में कई तरह केफल बाजार में मिलने लगते हैं। ये रसीले और बेहद स्वादिष्ट होते हैं। इन मौसमी फलों में कई गुण भी छुपे होते हैं जो हमारे शरीर को पोषण देते हैं। सर्दियों में मिलने वाले फल आंखो से लेकर मसल टिशू के लिए फायदेमंद होते हैं। फूड ब्लॉगर मानसी पुजारा से जानिए सर्दियों में मिलने वाले फलों के बारे में...
हेल्थ डेस्क. सर्दियों के मौसम में कई तरह केफल बाजार में मिलने लगते हैं। ये रसीले और बेहद स्वादिष्ट होते हैं। इन मौसमी फलों में कई गुण भी छुपे होते हैं जो हमारे शरीर को पोषण देते हैं। सर्दियों में मिलने वाले फल आंखो से लेकर मसल टिशू के लिए फायदेमंद होते हैं। फूड ब्लॉगर मानसी पुजारा से जानिए सर्दियों में मिलने वाले फलों के बारे में...
Diwali 2020: इस साल कई लोग सुरक्षा कारणों से घर पर दिवाली की मिठाई (Diwali Sweets) बना रहे हैं. अगर आप इनमें से एक हैं, तो आप कुछ उपयोगी टिप...