Friday, November 13, 2020

Diwali 2020: परफेक्ट हलवाई स्टाइल में घर पर ऐसे बनाएं गुजिया, ये हैं 5 टिप्‍स

Diwali 2020: इस साल कई लोग सुरक्षा कारणों से घर पर दिवाली की मिठाई (Diwali Sweets) बना रहे हैं. अगर आप इनमें से एक हैं, तो आप कुछ उपयोगी टिप्स (Tips) की मदद से घर पर ही हलवाई स्‍टाइल में बेहतरीन गुजिया (Gujiya) बना सकते हैं.

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शेफ रेणू दलाल बता रही हैं दीपावली की कुछ खास डिश, वे कहती हैं खाने को कई तरीके से बनाना और सर्व करना मैंने मां से सीखा

स्वर्गीय शेफ तरला दलाल फूड इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान रखती हैं। फिलहाल उनकी विरासत को तरला की बेटी रेणू दलाल आगे बढ़ा रही हैं। रेणू खाने में नए एक्पेरिमेंट पसंद करती हैं। कोरोना काल में फूड इंडस्ट्री में क्या बदलाव होंगे, दिवाली पर अपनी मां की तरह वे क्या बनाना पसंद करती हैं और अपनी कुकिंग बुक्स के जरिये किस तरह नई रेसिपीज रीडर्स के लिए पेश कर रही हैं, जैसी कई बातें जानिए यहां खुद उन्हीं की जुबानी :

मेरा जन्म मुंबई में हुआ था। बचपन से ही मुझे खेलकूद, पढ़ाई और कुकिंग का शौक था। घर में जब मां नई-नई रेसिपीज बनाती तो उस वक्त भी मैं उन्हें बहुत ध्यान से हर चीज बनाते हुए देखती थी। जब मैं छोटी थी, तब मैंने मम्मी के साथ एक कुकिंग क्लास भी जॉइन की थी। उन्हीं दिनों मेरी रुचि कुकिंग में बढ़ी।

रेणू दलाल अब तक दो कुकरी बुक्स लिख चुकी हैं।

अब तक मैंने दो कुकबुक लिखी हैं। इनका नाम 'मॉडर्न वेजिटेरियन रेसिपी' और 'सिंपल एंड डेलिशियस वेजिटेरियन रेसिपीज' हैं । इन किताबों के जरिये मैं एक बार फिर अपनी मां के खाने के स्वाद को लोगों के सामने लाना चाहती हूं। इसके अलावा मैं सोशल मीडिया पर रेसिपी के साथ ही खाने को सर्व करने और उसके प्रजेंटेशन के तरीके भी बताती हूं। खाने की सामग्री को बदलकर कैसे एक डिश को डिफरेंट टेस्ट दिया जा सकता है, ये भी मैंने अपने पोस्ट के जरिये लोगों को बताया है।

एक ही डिश को कई तरीकों से बनाना और उसे सलीके के साथ डाइनिंग टेबल पर सर्व करना मैंने मेरी मां से सीखा है। अगर घर में मेहमान आ रहे हैं तो एक ही चीज बार-बार खिलाने के बजाय उन्हें हर बार नया खिलाकर कैसे खुश किया जा सकता है, ये मुझे मां ने सिखाया। मुझे इस बात की खुशी है कि मैं उनके बताए टिप्स आज भी फॉलो करती हूं।

रेणू की पहली किताब उनकी मां तरला दलाल को समर्पित थी।

मेरी मां भी हर बार दिवाली पर ऐसी कई चीजे बनाना पसंद करती थीं जो स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी हो। इस दिवाली कोरोना के बीच मैं लोगों को रोज़ फ्लेवर्ड श्रीखंड और बीटरूट हलवा बनाने की सलाह देती हूं। इससे आपको एकदम नया टेस्ट मिलेगा। ये डेजर्ट पौष्टिक होने की वजह से घर में सबको पसंद भी आएंगे।

नमकीन में पालक ढोकला बनाएं। ये कम समय में बन जाता है। लो कैलोरी होने की वजह से भी इसे काफी पसंद किया जाता है। इसके अलावा नो बेक ओरियो टार्ट्स, बेक्स योगर्ट, चॉकलेट पानी पूरी, वेफल्स इडली डिलाइट और मैक्सिकन पानी पूरी बनाए जा सकते हैं।

वैसे तो मां की बनाई हर डिश मुझे पसंद है। लेकिन बचपन में वे मेरे लिए केक विद आइसक्रीम और वेफल्स बनाती थीं, इसका लाजवाब स्वाद आज भी मेरी जुबान पर है। अगर हम कोरोना काल के बाद फूड इंडस्ट्री में आए बदलाव की बात करें तो कुछ समय बाद निश्चित रूप से एक बार फिर लोग बाहर का खाना पसंद करने लगेंगे। हाइजीन का ख्याल रखते हुए रेस्टोरेंट अपने कस्टमर्स को बेहतर तरीके से खाना सर्व के साथ ही अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगे।

उन्होंने अपनी मां से सीखा खाना बनाने का आसान तरीका।

मैंने मेरी पहली किताब अपनी मां को समर्पित की। उसमें मैंने इतनी सिंपल रेसिपीज लिखी हैं, जो मेरी मां कम समय में आसानी से बना लेती थीं। इसमें ट्रेवल से लेकर फ्यूजन रेसिपीज हैं। मेरी दूसरी किताब में मैंने ग्लूटेन फ्री और न्यूट्रीशन से भरपूर रेसिपीज को बढ़ावा दिया है। मैंने अपनी बुक्स के जरिये फूड प्रजेंटेशन के बारे में भी रीडर्स को बताया है। सच तो यह है कि मुझे कुकिंग बुक्स लिखना बहुत अच्छा लगता है। अपनी दो किताबों के बाद मैं तीसरी किताब लिखना चाहती हूं। साथ ही सोशल मीडिया पर फूड लवर्स के लिए नई रेसिपीज बताना चाहती हूं।

आज फूड इंडस्ट्री में महिलाओं के बजाय पुरुष शेफ की संख्या अधिक है। मुझे लगता है इसकी वजह ये है कि एक शेफ को ज्यादा ट्रेवल करना होता है या घर से बाहर ज्यादा वक्त बिताना पड़ता है। घर के बाहर ज्यादा वक्त देने की वजह से महिलाएं शेफ के पेशे को पुरुषों के बजाय कम अपनाती हैं।

रेणू को इस बात की खुशी है कि वे मां के बताए टिप्स आज भी फॉलो कर रही हैं।

जो लड़कियां फूड इंडस्ट्री में अपना करिअर बनाना चाहती हैं, उनमें धैर्य होना जरूरी है। आपको खाना बनाने का शौक हो, साथ ही नई डिश और हर डिश के साथ कई तरह के प्रयोग करना भी आपको आना चाहिए। होटल मैंनेजमेंट का कोर्स करके आप अपना रेस्टोरेंट शुरू कर सकती हैं या होटल इंडस्ट्री में नाम कमा सकती हैं।

यह भी पढ़ें :

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रेणू कहती हैं कि मेरी मां भी हर बार दिवाली पर ऐसी कई चीजें बनाना पसंद करती थीं, जो स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी हों।


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दिवाली पर मेहमानों को गुलाब जामुन या रसगुल्ला नहीं, इस बार खिलाएं खजूर बर्फी

कोरोना (Corona) काल में अगर आप बाजार से मिठाई खरीदने से हिचकिचा रहे हैं और अपनी हाईजीन (Hygiene) का पूरा ख्याल रखना चाहते हैं तो इस बार घर पर ही खजूर बर्फी (Dates Barfi) ट्राई करें.

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शेफ रेणू दलाल बता रही हैं दीपावली की कुछ खास डिश, वे कहती हैं खाने को कई तरीके से बनाना और सर्व करना मैंने मां से सीखा

स्वर्गीय शेफ तरला दलाल फूड इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान रखती हैं। फिलहाल उनकी विरासत को तरला की बेटी रेणू दलाल आगे बढ़ा रही हैं। रेणू खाने में नए एक्पेरिमेंट पसंद करती हैं। कोरोना काल में फूड इंडस्ट्री में क्या बदलाव होंगे, दिवाली पर अपनी मां की तरह वे क्या बनाना पसंद करती हैं और अपनी कुकिंग बुक्स के जरिये किस तरह नई रेसिपीज रीडर्स के लिए पेश कर रही हैं, जैसी कई बातें जानिए यहां खुद उन्हीं की जुबानी :

मेरा जन्म मुंबई में हुआ था। बचपन से ही मुझे खेलकूद, पढ़ाई और कुकिंग का शौक था। घर में जब मां नई-नई रेसिपीज बनाती तो उस वक्त भी मैं उन्हें बहुत ध्यान से हर चीज बनाते हुए देखती थी। जब मैं छोटी थी, तब मैंने मम्मी के साथ एक कुकिंग क्लास भी जॉइन की थी। उन्हीं दिनों मेरी रुचि कुकिंग में बढ़ी।

रेणू दलाल अब तक दो कुकरी बुक्स लिख चुकी हैं।

अब तक मैंने दो कुकबुक लिखी हैं। इनका नाम 'मॉडर्न वेजिटेरियन रेसिपी' और 'सिंपल एंड डेलिशियस वेजिटेरियन रेसिपीज' हैं । इन किताबों के जरिये मैं एक बार फिर अपनी मां के खाने के स्वाद को लोगों के सामने लाना चाहती हूं। इसके अलावा मैं सोशल मीडिया पर रेसिपी के साथ ही खाने को सर्व करने और उसके प्रजेंटेशन के तरीके भी बताती हूं। खाने की सामग्री को बदलकर कैसे एक डिश को डिफरेंट टेस्ट दिया जा सकता है, ये भी मैंने अपने पोस्ट के जरिये लोगों को बताया है।

एक ही डिश को कई तरीकों से बनाना और उसे सलीके के साथ डाइनिंग टेबल पर सर्व करना मैंने मेरी मां से सीखा है। अगर घर में मेहमान आ रहे हैं तो एक ही चीज बार-बार खिलाने के बजाय उन्हें हर बार नया खिलाकर कैसे खुश किया जा सकता है, ये मुझे मां ने सिखाया। मुझे इस बात की खुशी है कि मैं उनके बताए टिप्स आज भी फॉलो करती हूं।

रेणू की पहली किताब उनकी मां तरला दलाल को समर्पित थी।

मेरी मां भी हर बार दिवाली पर ऐसी कई चीजे बनाना पसंद करती थीं जो स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी हो। इस दिवाली कोरोना के बीच मैं लोगों को रोज़ फ्लेवर्ड श्रीखंड और बीटरूट हलवा बनाने की सलाह देती हूं। इससे आपको एकदम नया टेस्ट मिलेगा। ये डेजर्ट पौष्टिक होने की वजह से घर में सबको पसंद भी आएंगे।

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वैसे तो मां की बनाई हर डिश मुझे पसंद है। लेकिन बचपन में वे मेरे लिए केक विद आइसक्रीम और वेफल्स बनाती थीं, इसका लाजवाब स्वाद आज भी मेरी जुबान पर है। अगर हम कोरोना काल के बाद फूड इंडस्ट्री में आए बदलाव की बात करें तो कुछ समय बाद निश्चित रूप से एक बार फिर लोग बाहर का खाना पसंद करने लगेंगे। हाइजीन का ख्याल रखते हुए रेस्टोरेंट अपने कस्टमर्स को बेहतर तरीके से खाना सर्व के साथ ही अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगे।

उन्होंने अपनी मां से सीखा खाना बनाने का आसान तरीका।

मैंने मेरी पहली किताब अपनी मां को समर्पित की। उसमें मैंने इतनी सिंपल रेसिपीज लिखी हैं, जो मेरी मां कम समय में आसानी से बना लेती थीं। इसमें ट्रेवल से लेकर फ्यूजन रेसिपीज हैं। मेरी दूसरी किताब में मैंने ग्लूटेन फ्री और न्यूट्रीशन से भरपूर रेसिपीज को बढ़ावा दिया है। मैंने अपनी बुक्स के जरिये फूड प्रजेंटेशन के बारे में भी रीडर्स को बताया है। सच तो यह है कि मुझे कुकिंग बुक्स लिखना बहुत अच्छा लगता है। अपनी दो किताबों के बाद मैं तीसरी किताब लिखना चाहती हूं। साथ ही सोशल मीडिया पर फूड लवर्स के लिए नई रेसिपीज बताना चाहती हूं।

आज फूड इंडस्ट्री में महिलाओं के बजाय पुरुष शेफ की संख्या अधिक है। मुझे लगता है इसकी वजह ये है कि एक शेफ को ज्यादा ट्रेवल करना होता है या घर से बाहर ज्यादा वक्त बिताना पड़ता है। घर के बाहर ज्यादा वक्त देने की वजह से महिलाएं शेफ के पेशे को पुरुषों के बजाय कम अपनाती हैं।

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अदरक-मिर्च का पराठा घर में सबको आएगा पसंद, सिर्फ आधे घंटे में बन जाएंगे 10 से 12 पराठे



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Everyone will like ginger-chilli paratha at home, 10 to 12 parathas will be prepared in just half an hour


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पटाखे जलाना पर्यावरण के लिए बेहतर, बारूद की खुशबू से होता है मच्छरों का सफाया? जानें इस दावे का सच

क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दिवाली पर पटाखे जलाने से पर्यावरण को फायदा भी होता है।

वायरल मैसेज में दावा है कि बारूद की खुशबू से मच्छरों और कई तरह के कीड़ों का सफाया हो जाता है। इसलिए बड़ी तादात में पटाखे फोड़े जाने चाहिए।

दिवाली पर हर साल की तरह इस साल भी पटाखों से फैलने वाले प्रदूषण को लेकर बहस छिड़ी हुई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली-एनसीआर में 9 से 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। न सिर्फ दिल्ली, बल्कि देश के जिन-जिन राज्यों में एयर क्वालिटी खराब है, वहां भी पटाखे नहीं बेचे जाएंगे

एक बड़ा तबका मानता है कि लोगों को पटाखे जलाने से रोकना गलत है। ट्विटर पर #हम_तो_पटाखे_फोड़ेंगे टॉप ट्रेंड में चल रहा है। सोशल मीडिया पर प्रदूषण के पीछे पटाखों को जिम्मेदार ठहराए जाने वाले तर्कों के विरोध में कई मैसेज वायरल हो रहे हैं। ऐसे ही एक मैसेज की दैनिक भास्कर ने पड़ताल की।

और सच क्या है ?

  • गूगल पर हमें अलग-अलग कीवर्ड सर्च करने से भी ऐसी कोई रिसर्च रिपोर्ट नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि बारूद की खुशबू से मच्छरों और कीड़ों का सफाया होता है।
  • बारूद से मच्छरों का सफाया होने वाले दावे का सच जानने के लिए हमने जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कपिल देव से संपर्क किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए जा रहे इस दावे को भ्रामक बताया।
  • डॉ. कपिल के अनुसार, पटाखों से होने वाले धुएं से मच्छर भागते हैं, ये बात सही है। लेकिन, यह धुआं मच्छरों से ज्यादा इंसानों के लिए हानिकारक है। वहीं बारूद की खुशबू से मच्छरों या अन्य कीड़ों का सफाया होने वाली बात अब तक किसी भी साइंटिफिक स्टडी में सिद्ध नहीं हुई है।
  • 2018 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस एंड पॉलिसी ने दिल्ली की खराब हवा पर पटाखों के असर पर एक रिसर्च की थी। इसके लिए 2013 से 2016 तक का डेटा लिया गया था।
  • इस रिसर्च के मुताबिक, दिल्ली में हर साल दिवाली के अगले दिन PM 2.5 की मात्रा 40% तक बढ़ती है। दिवाली के दिन शाम 6 बजे से रात 11 बजे के बीच PM2.5 में 100% की बढ़ोतरी हो गई। PM2.5 यानी हवा में मौजूद छोटे-छोटे कण। इन कणों के बढ़ने से ही एयर क्वालिटी खराब होती है।
  • इन सबसे साफ है कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा पटाखों से पर्यावरण को होने वाले फायदे से जुड़ा दावा पूरी तरह फेक है।


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Diwali Firecrackers Gunpowder Kills Mosquitoes; Fake News Viral On Social Media


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अदरक-मिर्च का पराठा घर में सबको आएगा पसंद, सिर्फ आधे घंटे में बन जाएंगे 10 से 12 पराठे



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कोरोना का खतरा घटाने के लिए डायबिटीज के रोगी ब्लड शुगर कंट्रोल में रखें, एक्सरसाइज करें और खाने में प्रोटीन अधिक लें

महामारी में एक बात साबित हो चुकी है कि डायबिटीज के मरीजों में कोरोना का संक्रमण होने का खतरा अधिक है। कोरोना के संक्रमण से जूझने वाले 25 मरीज डायबिटीज से परेशान हैं। देश में डायबिटीज के ज्यादातर रोगी 28 से 60 साल के बीच के हैं। इसलिए कोरोना के मामले बढ़ने का खतरा भी ज्यादा है।

एक और बात सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है। कोविड-19 स्वस्थ लोगों में डायबिटीज की वजह भी बन सकता है और जो पहले से डायबिटीज से जूझ रहे हैं उनकी हालत और बिगाड़ सकता है। दुनियाभर के 17 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की टीम के एक पैनल ने दुनियाभर के कई मामलों पर रिसर्च के बाद ये बात कही है। अब तक हुए क्लीनिकल ट्रायल में कोविड-19 और डायबिटीज के बीच ये महत्वपूर्ण कनेक्शन ढूंढ़ा गया है।

आज वर्ल्ड डायबिटीज डे है, इस मौके पर एक्सपर्ट से जानिए कोरोना और डायबिटीज का क्या है कनेक्शन...

4 पॉइंट से समझिए कोविड-19 और डायबिटीज का कनेक्शन

  • स्वस्थ लोगों में ऐसे बढ़ता है खतरा: एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर के डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश केसवानी का कहना है कि कोविड-19 का वायरस सीधे पेंक्रियाज में मौजूद इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है। बीटा कोशिकाओं के डैमेज होने पर मरीजों में इंसुलिन बनने की कैपेसिटी कम हो जाएगी। ऐसे में जो स्वस्थ हैं उनमें भी नई डायबिटीज का खतरा बढ़ेगा।
  • टाइप-1 डायबिटीज भी हो सकती है: कई बार संक्रमण ज्यादा गंभीर होता है, ऐसी स्थिति में टाइप-1 डायबिटीज या डायबिटिक कीटोएसिडोसिस भी हो सकता है। डायबिटिक कीटोएसिडोसिस उस स्थिति को कहते हैं जब इंसुलिन की बहुत अधिक कमी के कारण शरीर में शुगर का लेवल ज्यादा बढ़ जाता है।
  • स्ट्रेस भी एक फैक्टर है: अगर किसी में डायबिटीज की शुरुआत हुई है और उसे नहीं मालूम है, इस दौरान वायरस का संक्रमण होता है तो स्ट्रेस के कारण भी नई डाइबिटीज विकसित हो सकती है।
  • इसलिए डायबिटिक लोगों को खतरा ज्यादा: डायबिटीज के रोगियों में हर संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे रोगियों में इम्यून सिस्टम की कोशिकाओं (लिम्फोसाइट्स, न्यूट्रोफिल्स) की कार्य क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से शरीर में एंटीबॉडीज कम बनती हैं। बीमारी से लड़ने की ताकत कम होने के कारण ये बाहरी चीजों (वायरस, बैक्टीरिया) को खत्म नहीं कर पाती नतीजा जान का जोखिम बढ़ता जाता है।

ऐसे मरीजों में ऑक्सीजन का लेवल घटने का खतरा अधिक

मुम्बई के जसलोक हॉस्पिटल के डायबिटीज एक्सपर्ट शैवाल चंडालिया कहते हैं, डायबिटीज के मरीजों में संक्रमण हुआ तो ऑक्सीजन का लेवल घट सकता है और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। इनमें हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी अधिक रहता है। कोरोना के कुछ मरीजों को इलाज के दौरान स्टेरॉयड्स दिए जाते हैं जो ब्लड शुगर का लेवल बढ़ा सकते हैं। ऐसे में मरीज को इंसुलिन देकर स्थिति को कंट्रोल किया जाता है। एक और बात का ध्यान रखने की जरूरत है, शरीर में पानी की कमी बिल्कुल न होने दें।

कोरोना से जूझने वाले मरीजों को इमरजेंसी केयर की जरूरत

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के एंड्रोक्राइनोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रिचा चतुर्वेदी ने बताया, अगर टाइप-2 डायबिटीज वालों में कोरोना का संक्रमण होता तो हालत नाजुक होने का खतरा ज्यादा रहता है। संक्रमण के बाद जैसे-जैसे वायरस अपना असर छोड़ता है मरीज में सूजन बढ़ती जाती है।

ऐसे मरीजों में थकान, मांसपेशियों में दर्द, अधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब करना, सांस लेने में तकलीफ होना और सांस लेने में तकलीफ होने जैसे लक्षण नजर आते हैं। इन्हें इमरजेंसी केयर की जरूरत होती है।

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के रेस्पिरेट्री मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. निखिल मोदी कहते हैं, हॉस्पिटल में आने वाले कोरोना के मरीजों में 20 से 30 फीसदी तक डायबिटीज के रोगी थे। इनकी हालत नाजुक थी। इनके लिए डायबिटीज से जुड़ी दवाएं और इंसुलिन लेना जरूरी था।

महामारी में सबसे जरूरी सलाह है कि शुगर लेवल कंट्रोल में रखें, दवाएं समय पर लें। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बिना मास्क बाहर न निकलें।

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आंखों की रोशनी घटना, मोतियाबिंद, भेंगापन और संक्रमण का एक कारण डायबिटीज भी, ऐसा होने पर अलर्ट हो जाएं

डायबिटीज के 25 फीसदी मरीजों में 10 के अंदर ही आंखों की रोशनी कम होने लगती है। 50 फीसदी मरीजों में 20 साल के अंदर इसका असर दिखने लगता है। ज्यादातर लोग इसे ढलती उम्र की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ बातों का ध्यान रखकर कम होती आंखों की रोशनी को कंट्रोल किया जा सकता है।

हर साल 14 नवम्बर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। आई एंड ग्लूकोमा एक्सपर्ट डॉ. विनीता रामनानी बता रही हैं, डायबिटीज के मरीज आंखों का कैसे रखें ख्याल

डायबिटीज के मरीज हैं तो ध्यान दें कहीं ये लक्षण आप में तो नहीं..

1. आंखों में रुखापन

डायबिटीज़ के ज़्यादातर मरीज आंखों में रुखेपन से परेशान रहते हैं। जिससे उनको आंखों में दर्द, चुभन, भारीपन और आंसू आ सकते हैं | समय पर इलाज़ होना बेहद जरूरी है।

2. आंखों में संक्रमण

ऐसे मरीजों की आंखों में संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है। जैसे कंजक्टिवाइटिस (लाल आंखें), पलकों और कॉर्निया में इन्फ़ेक्शन हो सकता है। इसलिए ब्लड शुगर कंट्रोल में रखें और आंखों से जुड़ी कोई तकलीफ होने पर डॉक्टरी सलाह लें।

3. मोतियाबिंद

यह डायबिटीज़ में होने वाली सबसे आम बीमारी है। आंखों का लेंस उम्र के साथ धुंधला हो जाता है जिसे मोतियाबिंद या कैटरेक्ट कहते हैं। मोतियाबिंद डायबिटीज़ के मरीज़ों में जल्दी हो सकता है और तेजी से बढ़ता भी है। इसका सीधा असर आंखों की रोशनी पर पड़ता हैै।

डायबिटीज़ से जूझने वाले 65 साल से कम उम्र के इंसानों में मोतियाबिंद होने का ख़तरा बाकियों के मुक़ाबले 4 गुना ज़्यादा होता है। मोतियाबिंद होने पर डायबिटीज़ को कंट्रोल करके सर्ज़री की मदद से लेंस ट्रांसप्लांट किया जाता है।

4. ग्लूकोमा

यह आंखों में दबाव से जुड़़ी बीमारी है, जिसके आमतौर पर लक्षण नहीं दिखाई देते। लंबे समय तक बढ़े हुए दबाव की वजह से आंखों की नस यानी ऑप्टिक नर्व पर बुरा असर पड़ने के लिए देखने में तकलीफ़ होती है। इलाज़ न करने पर मरीज़ हमेशा के लिए आंखों की रोशनी खो सकते हैं।

5. डायबिटिक रेटिनोपैथी

डायबिटिक रेटिनोपैथी डायबिटीज़ में होने वाली आंखों से जुड़ी सबसे गंभीर बीमारी है। इसमें भी शुरूआती लक्षण नहीं होते मरीज को इसका पता रेटिना टेस्ट से पता चलता है। रेटिनोपैथी बढ़ने पर आंखों की रोशनी कम होने लगती है। हालत बिगड़ने पर रोशनी पूरी तरह से जा सकती है। डायबिटीज के अलावा अगर मरीज ब्लड प्रेशर, थायरॉयड, कोलेस्ट्रॉल, हार्ट या किडनी डिसीज से जूझ रहता है तो खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। डायबिटीज से20% से 40% मरीजों में रेटिनोपैथी हो सकती है।

6. लगातार चश्मे का नंबर बदलना

मधुमेह के मरीजों में ब्लड शुगर कंट्रोल न होने पर चश्मे के नंबर बदलता रहता है। इसलिए समय-समय पर शुगर की जांच करते रहना चाहिए। बहुत ज्यादा या बहुत कम शुगर लेवल होने पर मरीज़ को अचानक धुंधला दिख सकता है। शुगर लेवल ठीक होने पर रोशनी वापस भी आ सकती है।

7. आंखों में तिरछापन

बढ़ी हुई शुगर के चलते होने से आंखों में भेंगापन आ सकता है जिसमें अचानक से डबल दिखने के साथ पलकें भी बंद हो सकती हैं। कई बार देखने वाली नस में सूजन के कार रोशनी काफी कम हो सकती है।

डायबिटीज के मरीज ऐसे रखें अपनी आंखों का ख्याल

  • साल में एक बार आंखों की जांच कराएं : अगर डायबिटिक रेटिनोपैथी की शुरुवात हो चुकी हो तो डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज न करें। साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करवाएं।
  • शुगर लेवल कंट्रोल में रखें : ब्लड शुगर को नॉर्मल रेंज में बनाए रखें। एक बार इसका लेवल बढ़ जाने के बाद आंखों के साथ शरीर के कई अंग डैमेज होने लगते हैं। डॉक्टर से दवाइयां, डाइट प्लान, एक्सरसाइज़ और ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने के साथ ब्लड ग्लूकोज़ मॉनिटरिंग के बारे में बात करें। एचबीए1सी लेवल साल में कम से कम 2 बार टेस्ट कराना चाहिए और इसका लक्ष्य 7 प्रतिशत से कम होना चाहिए।
  • एक्सरसाइज करें, डाइट में बदलाव करें : रेग्युलर एक्सरसाइज, बैलेंस डाइट, धूम्रपान और शराब से दूरी इस जानलेवा बीमारी से बचा सकते हैं। खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें।
  • समय पर इलाज़ कराएं : डायबिटीज़ और इससे जुड़ी दिक्कतों का समय पर इलाज़ बेहद जरूरी है वरनाा शरीर के कई अंगों पर इसका असर दिखना शुरू हो जाता है। इस बात को हमेशा ध्यान रखें।


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World Diabetes Day 2020 why diabetic retinopathy cataract and blur eyes happen


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बार-बार पेशाब और आंखों में धुंधलापन भी डायबिटीज का लक्षण, एक्सपर्ट से समझिए डायबिटीज कैसे कंट्रोल करें

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें लगभग 60 फीसदी मरीजों में लक्षण ही नहीं दिखाई पड़ते हैं। ऐसे में इसकी पहचान दो तरह से होती है। पहला, कुछ खास लक्षणों के आधार पर और दूसरा खून की जांच से।

ब्लड टेस्ट में यदि खाली पेट शुगर 126 से अधिक और खाने के दो घंटे के बाद 200 से अधिक है तो इंसान डायबिटिक है। अगर खाली पेट शुगर 100-125 है और खाने के दो घंटे के बाद 140- 199 है तो इसे प्री-डायबिटीज कहते हैं। ऐसे में सतर्क हो जाना चाहिए।

14 नवम्बर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। इस मौके पर इंदौर के टोटल डायबिटीज हार्मोन इंस्टीट्यूट के डायबिटोलॉजिस्ट और हार्मोन एक्सपर्ट डॉ. सुनील एम जैन बता रहे हैं, डायबिटीज से जुड़ी हर जरूरी बात...

सबसे पहले डायबिटीज के कारण और टाइप को समझें
डायबिटीज के तीन कारण हैं। पहला अनुवांशिक, दूसरा शारीरिक मेहनत की कमी और तीसरा मोटापा। पेट के आसपास चर्बी खतरनाक होती है। कई बार अलग-अलग स्थितियों में डायबिटीज भी होती है। जैसे - गर्भावस्था में होने वाली डायबिटीज। यह बाद में ठीक हो जाती है।

डायबिटीज की वजह और प्रकार

डायबिटीज मुख्यत: दो प्रकार की होती है।

  • टाइप 1 : यह एक ऑटो इम्यून कंडीशन है। यानी आपका इम्यून सिस्टम गलती से पैन्क्रियाज में पाई जाने वाले बीटा सेल्स पर आक्रमण कर उन्हें नष्ट कर देता है। यही बीटा सेल इंसुलिन बनाती हैं, जिसके बाद शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है।
  • टाइप-2 : इस स्थिति में शरीर इंसुलिन का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाता है। यह गड़बड़ी पैन्क्रियाज को अधिक इंसुलिन बनाने के लिए उत्तेजित करती है, इससे इंसुलिन की जरूरत तो पूरी हो जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद इंसुलिन का बनना घटने लगता है।

डायबिटीज के ये लक्षण दिखें तो अलर्ट हो जाएं

  • वजन घटना-बढ़ना।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • बार-बार भूख-प्यास का लगना।
  • थकान होना और आंखों में धुंधलापन रहना
  • घाव होने के बाद जल्दी न भरना

लाइफस्टाइल ऐसी हो : डायबिटीज नहीं है तो भी हफ्ते में 5 दिन 30 मिनट एक्सरसाइज करें
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसन के अनुसार व्यक्ति जितना अधिक शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाता है इंसुलिन की सेंसिटीविटी उतनी ही बढ़ती है। जानी-मानी विले ऑनलाइन लाइब्रेरी में व्यायाम को लेकर ये सुझाव दिए गए हैं।

  • डायबिटीज नहीं है तो : सप्ताह में 5 दिन न्यूनतम 30 मिनट एक्सरसाइज करें। इसमें हाई इंटेंसिटी एरोबिक सप्ताह मंे तीन दिन और स्ट्रेंथ एक्सरसारइज सप्ताह में दो दिन करनी चाहिए।
  • अगर डायबिटीज है तो : सप्ताह में पांच दिन न्यूनतम 30 मिनट एक्सरसारइज जरूरी है। शरीर की क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज करें। एरोबिक के साथ हल्की रजिस्टेंस ट्रेनिंग करें।

एक्सरसाइज का सबसे बेहतर समय
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के मुताबिक, डायबिटीज मरीज के लिए खाने के एक से तीन घंटे बाद एक्सरसाइज करना सबसे बेहतर है। इस समय इंसुलिन बढ़ा होता है। एक्सरसाइज के पहले ब्लड शुगर चेक करना चाहिए। शुगर लेवल 100 है तो फल का एक टुकड़ा खाकर एक्सरसाइज करनी चाहिए। जिससे हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर की कमी से बचा जा सके।

अच्छी नींद और डाइट बहुत असरदार होती है
ऑक्सफोर्ड के अनुसार, नींद और इंसुलिन का आपस में गहरा संबंध है। संस्थान में 16 ऐसे लोगों पर प्रयोग किया गया जो नींद पूरी नहीं ले पा रहे थे। इनके सोने के घंटों में एक घंटे की वृद्धि जब की गई तो इंसुलिन पर अच्छा असर दिखा।

डाइट ऐसी होनी चाहिए
डायबिटीज के मरीजों को अपनी जरूरत की कैलोरी की 50% पूर्ति बिना स्टार्च वाले आहार से, 25% प्रोटीन वाले और 25% पूर्ति वसा वाले आहार से करनी चाहिए। प्रोटीन युक्त आहार में सभी प्रकार की दालें, अंकुरित अनाज, अंडे का सफेद हिस्सा डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हैं। अधिक रेशायुक्त आहार जैसे हरी सब्जियां और सलाद भी ग्लूकोज कंट्रोल करने में मदद करते हैं।

तनाव से दूर रहें क्योंकि इसका असर ब्लड शुगर पर पड़ता है

कई रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि तनाव से कुछ ऐसे हार्मोन्स निकलते हैं जिनसे डायबिटीज की बीमारी होने का खतरा बढ़ता है। ऐसे में योग स्ट्रेस मैनेजमेंट का सबसे सटीक तरीका है। नियमित योग करने से डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है। सेंसिटिविटी बढ़ने का मतलब है कि शरीर मौजूदा इंसुलिन का इस्तेमाल बेहतर तरीके से करेगा।



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World Diabetes Day 2020: Diabetes Symptoms | Know What Are The Early Signs Of Diabetes? Urinating Often, Blurry Vision And More


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2 साल तक ड्रग्स लेने से लड़की की हालत हुई ऐसी, फिर 4 महीने में यूं बदली LIFE

एक बार अगर किसी को ड्रग (Drug) की लत लग जाती है तो उसे छोड़ना मुश्किल होता है, लेकिन नामुमकीन नहीं. ऐसा ही कुछ कमाल कर दिखाया है स्कॉटलैंड (Scotland) की एक महिला ने. 2 साल तक कोकीन (Cocaine) जैसे ड्रग लेने वाली ये महिला अब बिल्कुल ठीक है. उसने अपनी स्टोरी फेसबुक (Facebook) पर शेयर की है.

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हल्दी वाले गर्म दूध से करें मेहमानों का स्वागत, ड्राय फ्रूट खिलाएं और गर्म-ताजा नाश्ता कराएं; रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी

दीपपर्व पर देशभर में लाेग एक-दूसरे काे बधाई देते हैं। परिचिताें-रिश्तेदाराें के घर जाते हैं। नए व्यंजन बनाए जाते हैं और मेहमाननवाजी की जाती है। इस साल काेराेना के चलते इस परंपरा को थोड़ा बदला जा सकता है। इस दीपावली मेहमानाें का स्वागत हल्दी वाले गर्म दूध से करें। उन्हें गर्मागर्म नाश्ता पराेसें।

गुजरात में नगर निगम के अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि त्योहार के उल्लास में कोरोना को बाधा न बनने दें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सभी परंपराएं निभाएं। हाथ मिलाना, बड़ाें के चरण स्पर्श हमारी परंपरा रही है। ऐसे में संक्रमण फैलने का जाेखिम रहता है। लोग नैतिक-सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए दाे गज दूरी, मास्क और सैनिटाइजर काे नजरअंदाज न करें।

मुलाकात ऐसे करें... ताकि सब सुरक्षित रहें

  • किसी के यहां जाएं या काेई मिलने आए, तब मास्क पहन कर रखें। मेहमानों से ऐसा करने के लिए कहें।
  • हाथ मिलाने, गले लगाने की आदत को टालें। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ नमस्कार करके स्वागत करें।
  • घर के सदस्य, मेहमानाें और मुलाकातियाें को अनिवार्य रूप से सैनिटाइजर का उपयोग करवाएं।
  • छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग, लंबी बीमारी, लंबे समय से बीमार लाेगाें के पास जाने से बचें।
  • होम‌ आइसोलेट/होम क्वारेंटाइन व्यक्ति/ परिवार न किसी के यहां जाएं और न किसी को इन्वाइट करें।
  • शुभकामनाओं के साथ मास्क, सैनिटाइजर या पल्स ऑक्सीमीटर बतौर उपहार भी दे सकते हैं।

नाश्ता ऐसा कराएं... ताकि सब सेहतमंद रहें

  • हल्दीयुक्त गर्म दूध, ग्रीन-टी, मसालेदार चाय, नीबू शहद, नीबूयुक्त गर्म पानी सर्व कर सकते हैं।
  • रोग-प्रतिराेधक काढ़ा भी पेश कर सकते हैं।
  • काजू, बादाम, पिस्ता जैसे ड्रायफ्रूट रख सकते हैं।
  • माैसंबी, संतरा, पाइनेपल सहित अन्य फलों का ताजा जूस सर्व कर सकते हैं।
  • फलों के अलावा भिगोए/अंकुरित/उबले चने, मूंग जैसे अनाज सर्व कर सकते हैं।
  • सूखे नाश्ते के स्थान पर गर्म-ताजा नाश्ता कराएं। जैसे इडली, उपमा, ढाेकला आदि।
  • माउथफ्रेशनर के लिए लौंग, इलायची, अदरक आदि रखें।

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Diwali 2020/Namak Para Recipe: इस दिवाली पर बनाएं सॉफ्ट और कुरकुरे नमकपारे

Diwali 2020/Namak Para Recipe: दिवाली पर जहां कई तरह की मिठाई बनती है, वहीं नमकीन में भी कुछ न कुछ बनाया जाता है. इस दिवाली आप भी अपने मेहमानों का स्‍वागत मीठे के साथ कुरकुरे नमकपारे (Namak Para) के साथ कीजिए.

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दिवाली पर शिल्पा ने शेयर की पोहा लड्‌डू की रेसिपी, लो कैलोरी ये डिश आपका वेट भी मेंटन रखेगी

इस दिवाली सबसे ज्यादा जिस बात पर ध्यान दिया जा रहा है, वो है कोरोना काल के बीच आपकी सेहत। इस लिहाज से खाने के कई ऐसे ऑप्शंस पेश किए जा रहे हैं जो टेस्टी होने के साथ ही हेल्दी भी हैं। ऐसे ही हेल्दी रेसिपी दिवाली पर बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्‌टी ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये शेयर की है।

इस त्योहार घर में बनने वाले ट्रेडिशनल लड्‌डू के बजाय पोहा लड्‌डू स्वास्थ्य के नजरिये से ज्यादा फायदेमंद हैं। शिल्पा के अनुसार, ''इस साल दिवाली पर हमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालना करना है, मास्क और सैनिटाइजिंग प्रोटोकॉल के साथ दिवाली सेलिब्रेट करना है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि आप स्वादिष्ट लड्‌डू न खाएं। आपके लिए पेश हैं पोहा लड्‌डू। इसमें आयरन की भरपूर मात्रा है। यह ग्लूटेन फ्री है। इसे बनाने में रिफाइंड शुगर का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है। ये मेरी तरफ से आप सभी लोगों के लिए दिवाली गिफ्ट है''।

पोहा लड्‌डू बनाने के लिए शिल्पा ने पोहे को हल्का ब्राउन होने तक सेंक लिया। फिर इसमें सिका हुआ खोपरा, गुड़, किशमिश, बादाम, अलसी और घी मिलाया। इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर लड्‌डू बनाएं। लो कैलोरी यह डिश आपको वेट भी मेंटेन रखती है।

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शेफ स्पेशल दिवाली डिश:संजीव कपूर के लिए शुगर फ्री गाजर का हलवा है फेस्टिवल का परफेक्ट डेजर्ट तो कुणाल कपूर बेक्ड बादाम के कोफ्ते को मानते हैं बेस्ट

आज क्या बनाऊं:अगर आप स्पाइसी खाने के शौकीन हैं तो बनाएं दिवानी हांडी, सिर्फ आधे घंटे में हो जाएगी तैयार



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Shilpa shares Poha laddu recipe on Diwali, low calorie dish will keep your weight also


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नौकरी जाने के बाद भी पायलट ने वर्दी नहीं उतारी, सड़क किनारे बेचने लगे नूडल्स

कभी प्लेन उड़ाने वाले अजरीन अब सड़क किनारे नूडल्स बेंचते हैं. लोग एक पायलट के हाथों खाना सर्व होते देख इस नजारे को काफी पसंद करते हैं. उन्होंने अपनी दुकान का नाम भी 'कैप्टन कॉर्नर' रखा है.

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संजीव कपूर के लिए शुगर फ्री गाजर का हलवा है फेस्टिवल का परफेक्ट डेजर्ट तो कुणाल कपूर बेक्ड बादाम के कोफ्ते को मानते हैं बेस्ट

दीपों का त्योहार आते ही घर में कई तरह के पकवान बनने लगते हैं। वैसे तो हर बार ट्रेडिशनल डिशेज बनाई जाती हैं। लेकिन इस बार महामारी की वजह से लोग इन पारंपरिक डिशेज के अलावा इम्यूनिटी बढ़ाने वाली डिशेज बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। पांच दिन चलने वाले इस त्योहार के लिए हमारे देश के शेफ भी अपनी खास डिशेज रीडर्स के लिए शेयर कर रहे हैं। ये घर में सबको पसंद आएंगी।

शेफ संजीव कपूर : शुगर फ्री गाजर का हलवा

ठंड की शुरुआत होते ही घरों में गाजर का हलवा बनने का लगता है। ऐसे में दिवाली की जगमग के बीच इस डिश का अपना ही मजा है। शुगर फ्री गाजर का हलवा इस फेस्टिवल सीजन की परफेक्ट डिश है जिसे संजीव कपूर खासतौर से दिवाली की पार्टी में सर्व करने की सलाह देते हैं।

कुणाल कपूर : बेक किए हुए बादाम के कोफ्ते
इसे बनाने के लिए मैश किए हुए आलू, बादाम, दूध और अंडे की जरूरत होती है। इसे बनाने के बाद बेक करें। बेक किए हुए कोफ्तों को आप नाश्ते के तौर पर खाएं या करी में डालकर डिनर के लिए तैयार करें। कुणाल इस डिश को डिनर पार्टी के लिए भी बेस्ट मानते हैं।

सारांश गोयला : क्रीम चीज़ कबाब विद वर्की पराठा
क्रीम वाला दही, कॉटेज चीज़, क्रीम चीज़, क्रेनबैरीज, हरी मिर्च, ड्राई फ्रूट्स, केसर और मसालों को मिलाकर बनाया जाता है क्रीम चीज़ कबाब। इसे गर्मागर्म वर्की पराठें के साथ सर्व करें। दिवाली डिनर गेट टूगेदर के लिए ये आइडिया परफेक्ट है।

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For Sanjeev Kapoor, Sugar Free Carrot Halwa is the festival's perfect dessert, while Kunal Kapoor considers Baked Almond Kofte the best


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संजीव कपूर के लिए शुगर फ्री गाजर का हलवा है फेस्टिवल का परफेक्ट डेजर्ट तो कुणाल कपूर बेक्ड बादाम के कोफ्ते को मानते हैं बेस्ट

दीपों का त्योहार आते ही घर में कई तरह के पकवान बनने लगते हैं। वैसे तो हर बार ट्रेडिशनल डिशेज बनाई जाती हैं। लेकिन इस बार महामारी की वजह से लोग इन पारंपरिक डिशेज के अलावा इम्यूनिटी बढ़ाने वाली डिशेज बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। पांच दिन चलने वाले इस त्योहार के लिए हमारे देश के शेफ भी अपनी खास डिशेज रीडर्स के लिए शेयर कर रहे हैं। ये घर में सबको पसंद आएंगी।

शेफ संजीव कपूर : शुगर फ्री गाजर का हलवा

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कुणाल कपूर : बेक किए हुए बादाम के कोफ्ते
इसे बनाने के लिए मैश किए हुए आलू, बादाम, दूध और अंडे की जरूरत होती है। इसे बनाने के बाद बेक करें। बेक किए हुए कोफ्तों को आप नाश्ते के तौर पर खाएं या करी में डालकर डिनर के लिए तैयार करें। कुणाल इस डिश को डिनर पार्टी के लिए भी बेस्ट मानते हैं।

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Thursday, November 12, 2020

साइंटिस्ट का बनाया यह हाई टेक हाथ नहीं महसूस होने देगा अकेलापन

जापान (Japan) में गिफू विश्वविद्यालय में एक शोध दल द्वारा विकसित, "माई गर्लफ्रेंड इन वॉक" (My Girlfriend in Walk) एक सरल उपकरण है, जिसका उद्देश्य असली प्रेमिका (lover) के बिना, प्रेमिका के हाथ पकड़ने के अनुभव को लोगों को देना है.

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ट्विटर-इंस्टा पर हैं बाइडन के पालतू कुत्ते, बनेंगे व्हाइट हाउस के फर्स्ट पेट

अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) चुनाव में जीत हासिल करने वाले जो बाइडन (Joe Biden) को कुत्ते बहुत पसंद हैं. उनके पास दो कुत्ते चैम्प और मेजर (Champ and Major) हैं. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि ये कुत्ते बाइडन के साथ ही व्हाइट हाउस (White House) जाएंगे.

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Diwali 2020: परफेक्ट हलवाई स्टाइल में घर पर ऐसे बनाएं गुजिया, ये हैं 5 टिप्‍स

Diwali 2020: इस साल कई लोग सुरक्षा कारणों से घर पर दिवाली की मिठाई (Diwali Sweets) बना रहे हैं. अगर आप इनमें से एक हैं, तो आप कुछ उपयोगी टिप...