चीन (China) के वुहान शहर से फैसले घातक कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण अब तक 3000 के करीब लोग मारे जा चुके हैंfrom Latest News अन्य खेल News18 हिंदी https://ift.tt/39aGfOA
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चीन (China) के वुहान शहर से फैसले घातक कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण अब तक 3000 के करीब लोग मारे जा चुके हैं
बिस्कुट बच्चों का फेवरेट होता है, ऐसे में कुछ बिस्कुट के साथ नया प्रयोग करना सही है. अब देर किस बात की आइए जानते हैं कैसे बनाएं बिस्कुट लड्डू (Biscuit ladoo)लाइफस्टाइल डेस्क. कोलेस्ट्रॉल एक केमिकल कंपाउंड होता है, जो शरीर में कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी है। लेकिन इसमें एक सीमा से ज्यादा बढ़ोतरी कई तरह से खतरनाक साबित हो सकती है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल दिल और मस्तिष्क के लिए तो घातक होता ही है, साथ ही यह किडनियों के लिए भी नुकसानदेह है। इसलिए समय-समय पर जांच करवाकर कोलेस्ट्रॉल के स्तर के बारे में जानकारी लेते रहें, ताकि उसे कंट्रोल में रख सके। कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी का संबंध हमारी खानपान की आदतों से भी है। यानी खानपान संबंधी आदतों में सुधार करके भी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोलकिया जा सकता है। आज जानते हैं कि हम ऐसा क्या कर सकते हैं :
1. सुबह की शुरुआत लहसुन से
लहसुन में ऐसे एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार साबित होते हैं। एक रिसर्च के अनुसार लहसुन के नियमित सेवन से एलडीएल के स्तर में 9 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है। रोजाना सुबह के समय खाली पेट लहसुन की दो कलियों को चबा-चबाकर खाना फायदेमंद होगा।

2. चाय पीने से पहले बादाम खाएं
बादाम में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो बुरे कोलेस्ट्रॉल को घटाने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मददगार होते हैं। इन्हें एक रात पहले पानी में भिगोकर सुबह चाय से करीब 20 मिनट पहले खाना चाहिए। पानी में भिगोने से बादाम में फैटी तत्व कम हो जाता है। प्रतिदिन पांच से छह बादाम खाना भी पर्याप्त होगा। इसका एक माह का खर्च लगभग उतना ही होगा, जितना कोलेस्ट्रॉल होने पर उसे घटाने वाली दवाओं पर होता है। साथ ही अखरोट का सेवन भी करेंगे तो दोगुना फायदा होगा। काजू को अवॉइड करना चाहिए।

3. भोजन में अधिक से अधिक फाइबर हों
नाश्ते से लेकर डिनर तक, आप जब भी और जो भी खाएं, वह फाइबरयुक्त होना चाहिए। रोजाना अपने दोनों समय के भोजन में सलाद को जरूर शामिल करें। सलाद में शामिल तमाम तरह की चीजें जैसे प्याज, मूली, गाजर, चुकंदर आदि फाइबर्स से युक्त होती हैं। ओट्स, स्प्राउट्स और शकरकंद में भी काफी मात्रा में फाइबर्स होते हैं। इन्हें नाश्ते में लें। संतरे, नाशपाती, पपीते, चीकू जैसे फल भी फाइबर के अच्छे स्रोत होते हैं।

4. बाहर की तली हुई चीजों को ना कहें
ट्रांसफैट के लगातार सेवन से एलडीएल जैसा बुरा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जबकि एचडीएल जैसे अच्छे कोलेस्ट्रॉल का लेवल 20 फीसदी तक घट जाता है। ट्रांसफैट मुख्य रूप से डीप फ्राइड, बैक्ड और क्रीम वाली चीजों में होता है। खासकर एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें ट्रांसफैट की मात्रा बढ़ जाती है। बाहर के खाने में आमतौर पर इसी तरह के तेल का ज्यादा इस्तेमाल होता है। इसलिए बाहर की डीप फ्राइड चीजें अवॉइड करनी चाहिए।

5. वानस्पतिक प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं
वानस्पतिक प्रोटीन से मतलब ऐसा प्रोटीन होता है जो वनस्पतियों यानी पेड़-पौधों से मिलता हो। यह प्रोटीन दालों, राजमा, चना, मूंगफली, सोयाबीन आदि के जरिए हासिल किया जा सकता है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को काफी तेजी से घटाने में मदद मिलती है और गुड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है।

अंडा खाने से कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ेगा, पर एक ही खाएं : रिसर्च
अब तक ऐसी धारणा रही है कि अंडों का सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। यह धारणा इसलिए बनी क्योंकि अंडे में डायटरी कोलेस्ट्रॉल होता है। लेकिन अब पॉपुलेशन हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीएचआरआई) तीन वैश्विक अध्ययनों के विश्लेषण के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि सीमित मात्रा में अंडे खाने से न तो कोलेस्ट्रॉल के स्तर में बढ़ोतरी होती है और न ही दिल के लिए खतरा पैदा होता है। रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार रोजाना एक अंडा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की चिंता से मुक्त होकर खाया जा सकता है।
पीएचआरआई ने जिन तीन अध्ययनों का विश्लेषण किया है, उनमें कुल मिलाकर 1 एक लाख 77 हजार लोग शामिल थे। ये लोग किसी एक देश में नहीं, बल्कि 55 देशों में फैले हुए थे। ये अध्ययन भी लंबी अवधि में किए गए। इसलिए इन अध्ययनों को पहले हुए अध्ययनों के मुकाबले कहीं अधिक विश्वसनीय माना जा रहा है।

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आप कोई भी प्रोडक्ट खरीदते हैं तो उसके साथ जानकारियों वाले लेबल भी आते हैं। उदाहरण के लिए हम कपड़े खरीदते हैं, तो देखते हैं कि वह किस फ्रैब्रिक से बने हैं, कहां बने हैं, गारंटी कितनी है आदि। इस जानकारी को देखकर फैसला लेते हैं। हालांकि कपड़े तो वह चीज हैं जो हम पहनते हैं, लेकिन उनका क्या जिन्हें हम खाते हैं? खासतौर पर वे जिन्हें हम स्वस्थ रहने के लिए खाते हैं। हम जो फूड आइटम खरीदते हैं, उनपर भी लेबल होते हैं और बहुत से लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैँ।
व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए ये लेबल पढ़ना बहुत जरूरी है क्योंकि ये वह जानकारी देते हैं, जो यह समझने के लिए जरूरी है कि हम दरअसल खा क्या रहे हैं। साथ ही हम एक ही फूड प्रोडक्ट के अलग-अलग विकल्पों में उनके न्यूट्रीशनल कंटेंट के आधार पर तुलना भी कर सकते हैं। ये जानकारी फूड आइटम्स के पैकेट्स, बॉटल्स, कैन्स और डिब्बों के पीछे आसानी से उपलब्ध होती है। इन फूड लेबल्स को सही ढंग से कैसे पढ़ा और समझा जाए, इससे जुड़ी कुछ टिप्स दे रहा हूं।
न्यूट्रिशन फैक्ट्स टेबल : समझें कैलोरीज का फंडा
प्रोडक्ट डेट : फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए इसे जरूर देखें
पैकेट्स पर लिखी डेट्स पर तो हम आमतौर पर ध्यान देते ही हैं। इसमें ‘मैन्यूफैक्चर्ड डेट’ बताती है कि प्रोडक्ट कब बना था। फिर दो तरह की तारीखें और होती हैं। किसी-किसी प्रोडक्ट में ‘सेल बाय डेट’ होती है, जिसमें उत्पादक वह तारीख या महीना बताता है, जब तक फूड आइटम बेचा जा सकता है। कुछ प्रोडक्ट्स पर ‘बेस्ट बिफोर डेट’ भी होती है। मैं इसपर जरूर ध्यान देता हूं, यह जानने के लिए कि फूड प्रोडक्ट कब एक्सपायर होगा। इससे फूड पॉइजिनिंग से बचने में मदद मिलती है।
इंग्रीडिएंट्स लिस्ट : क्या कुछ है प्रोडक्ट में इसे समझें
लाइफस्टाइल डेस्क. ब्रिटेन की काउंटी, बंकिंघमशायर की एक सिंगल मदर लंबे समय से खूबसूरत दिखने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। इसे वह मम्मी मेकओवर कहती है।
कौन है ये महिला
32 साल की ट्रेसी किस के 2 बच्चे हैं और वो सिंगल मदर है। ट्रेसी ने इसके तहत नाक, छाती, बट इम्प्लांट्स, लेजर आई सर्जरी और अपने शरीर के अन्य गुप्तांगों की सर्जरी करवाई। उसका कहना है कि खूबसूरत दिखना उसकी सबसे बड़ी चाहत है और इसके लिए वह हमेशा प्रयासरत रहती है। नॉन सर्जिकल ब्यूटी के लिए मोल रिमूवल, बोटॉक्स और लिप फिलिंग भी उसने करवाई है, जिसके लिए उसने 42 लाख रुपए खर्च किए और उसमें से 38 लाख रुपए इस काम के लिए लोन लिया।
सोशल लाइफ की दी कुर्बानी
ट्रेसी का कहना है कि अपने इस जुनून के लिए उसने अपनी सोशल लाइफ में काफी कुर्बानियां की हैं। वो कहती हैं कि वे घूमने-फिरने में खर्च करने की अपेक्षा अपनी खूबसूरती पर पैसा खर्च करना ज्यादा बेहतर मानती हैं। उनका कहना है कि घूम-फिरकर आप सिर्फ कुछ यादें बढ़ा सकते हैं, लेकिन खूबसूरती आपके साथ हमेशा रहती है और इसके लिए उन्हें खर्च करना चाहिए।
कैसे आता है पैसा
उनका कहना है कि वे जॉब करती हैं और अपनी सैलरी में से हर साल 1 लाख की बचत मनचाही सर्जरी में खर्च करने के लिए करती हैं। उन्होंने अपना मकान भी नहीं खरीदा है और वे किराए के मकान में रहती हैं। जब वे सर्जरी करवाती हैं, तो उनके बच्चों की देखभाल उनकी मां करती हैं। क्योंकि उन्हें कई-कई हफ्तों तक अस्पताल में भी रहना होता है। हर महीना उन्हें अपने लोन पर 37 हजार रुपए कि इन्सटॉलमेंट देनी होती है।
सर्जरी मजबूरी में भी
ट्रेसी कहती हैं कि वे बेवजह और फालतू पैसा खर्च करने वालों में से नहीं हैं। इसलिए कार भी अपडेट नहीं करतीं, उनके पास आज भी 2012 मॉडल की पुरानी निसान कार है और नई व महंगी कार खरीदने की जगह वे अपनी सर्जरी में पैसा खर्च करती हैं और उनको अपनी कई सर्जरियां मजबूरन करवानी पड़ीं।
पूरा पैसा सर्जरी में इस तरह किया खर्च
उन्होंने अपनी नाक की सर्जरी स्पेन में करवाई जिसके लिए उन्होंने 3.71 लाख रुपए सर्जरी में खर्च किया।
रेग्युलर बोटॉक्स, प्लस लिप, गालों, जबड़े और अंडर आई फिलर की खूबसूरती के लिए वे सालाना करीब 1 लाख रुपए खर्च करती हैं।
ट्रेसी का कहना है कि उन्हें अपनी नाक की सर्जरी इसलिए करवानी पड़ी क्योंकि उनकी नाक की झिल्ली में समस्या थी और साल भर से वे मुंह से सांस ले रही थीं। उन्हें पास की चीजें देखने में भी परेशानी थी, इसके लिए उन्होंने चश्मे की जगह लेजर सर्जरी करवाई जिसमें उन्होंने 4.6 लाख रुपए खर्च किए। वे अपने इस खर्च को बोझ की तरह नहीं देखतीं बल्कि ये खुद पर किया गया इन्वेस्टमेंट है उनके लिए।
लाइफस्टाइल डेस्क. ब्रिटेन की काउंटी, बंकिंघमशायर की एक सिंगल मदर लंबे समय से खूबसूरत दिखने के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। इसे वह मम्मी मेकओवर कहती है।
कौन है ये महिला
32 साल की ट्रेसी किस के 2 बच्चे हैं और वो सिंगल मदर है। ट्रेसी ने इसके तहत नाक, छाती, बट इम्प्लांट्स, लेजर आई सर्जरी और अपने शरीर के अन्य गुप्तांगों की सर्जरी करवाई। उसका कहना है कि खूबसूरत दिखना उसकी सबसे बड़ी चाहत है और इसके लिए वह हमेशा प्रयासरत रहती है। नॉन सर्जिकल ब्यूटी के लिए मोल रिमूवल, बोटॉक्स और लिप फिलिंग भी उसने करवाई है, जिसके लिए उसने 42 लाख रुपए खर्च किए और उसमें से 38 लाख रुपए इस काम के लिए लोन लिया।
सोशल लाइफ की दी कुर्बानी
ट्रेसी का कहना है कि अपने इस जुनून के लिए उसने अपनी सोशल लाइफ में काफी कुर्बानियां की हैं। वो कहती हैं कि वे घूमने-फिरने में खर्च करने की अपेक्षा अपनी खूबसूरती पर पैसा खर्च करना ज्यादा बेहतर मानती हैं। उनका कहना है कि घूम-फिरकर आप सिर्फ कुछ यादें बढ़ा सकते हैं, लेकिन खूबसूरती आपके साथ हमेशा रहती है और इसके लिए उन्हें खर्च करना चाहिए।
कैसे आता है पैसा
उनका कहना है कि वे जॉब करती हैं और अपनी सैलरी में से हर साल 1 लाख की बचत मनचाही सर्जरी में खर्च करने के लिए करती हैं। उन्होंने अपना मकान भी नहीं खरीदा है और वे किराए के मकान में रहती हैं। जब वे सर्जरी करवाती हैं, तो उनके बच्चों की देखभाल उनकी मां करती हैं। क्योंकि उन्हें कई-कई हफ्तों तक अस्पताल में भी रहना होता है। हर महीना उन्हें अपने लोन पर 37 हजार रुपए कि इन्सटॉलमेंट देनी होती है।
सर्जरी मजबूरी में भी
ट्रेसी कहती हैं कि वे बेवजह और फालतू पैसा खर्च करने वालों में से नहीं हैं। इसलिए कार भी अपडेट नहीं करतीं, उनके पास आज भी 2012 मॉडल की पुरानी निसान कार है और नई व महंगी कार खरीदने की जगह वे अपनी सर्जरी में पैसा खर्च करती हैं और उनको अपनी कई सर्जरियां मजबूरन करवानी पड़ीं।
पूरा पैसा सर्जरी में इस तरह किया खर्च
उन्होंने अपनी नाक की सर्जरी स्पेन में करवाई जिसके लिए उन्होंने 3.71 लाख रुपए सर्जरी में खर्च किया।
रेग्युलर बोटॉक्स, प्लस लिप, गालों, जबड़े और अंडर आई फिलर की खूबसूरती के लिए वे सालाना करीब 1 लाख रुपए खर्च करती हैं।
ट्रेसी का कहना है कि उन्हें अपनी नाक की सर्जरी इसलिए करवानी पड़ी क्योंकि उनकी नाक की झिल्ली में समस्या थी और साल भर से वे मुंह से सांस ले रही थीं। उन्हें पास की चीजें देखने में भी परेशानी थी, इसके लिए उन्होंने चश्मे की जगह लेजर सर्जरी करवाई जिसमें उन्होंने 4.6 लाख रुपए खर्च किए। वे अपने इस खर्च को बोझ की तरह नहीं देखतीं बल्कि ये खुद पर किया गया इन्वेस्टमेंट है उनके लिए।
लाइफस्टाइल डेस्क. अमेरिकन सिंगर और एक्ट्रेस जेनिफर हडसन ने पिछले दिनों हेलीकॉप्टर दुर्घनटना में मारे गए खिलाड़ी कोबे को अपने गीतों से एक मैच के दौरान अपने परफॉर्मेंस से श्रृद्धांजलि दी। 2006 में एफी वॉइट इन ड्रीम गर्ल से अपने फिल्मी कॅरिअर की शुरुआत करने वाली जेनिफर ने कई हॉलिवुड फिल्मों में काम किया और दौलत और शोहरत बटोरी। अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा महंगी कारों व घर खरीदने में खर्च करती हैं जेनिफर।
18 की उम्र में पहला प्यार
जेनिफर जब 18 साल की थीं, तब उन्होंने जेम्स पैटोन के साथ 1999 में डेटिंग शुरू की। 2007 में उनका रिलेशन खत्म हो गया। इसके बाद WWE के प्रोफेशनल रेसलर डेविड ओटुंगा से उनकी मुलाकात हुई और 2008 में दोनों ने सगाई कर ली। वर्ष 2009 में हडसन ने एक बेटी को जन्म दिया और उसके बाद उनका एक बेटा भी हुआ पर 2017 में डेविड से भी अलगाव हो गया।
महंगी कारों का कलेक्शन है उनके पास
जेनिफर के पास महंगी और लग्जीरियस कारों का भी बड़ा कलेक्शन है। 60 लाख से ऊपर की कारें उनके काफिले में हैं। इनमें केडिललेक एस्केलेड, लिंकन नेविगेटर, लिंकन टॉउन कार लिमो व जीएमसी युकोन जैसी बड़ी कारें हैं, जिनमें वे खुद को कम्फर्ट महसूस करती हैं। सोने की चेन वाले सनीकर्स पहनना उन्हें बहुत पसंद है और गोल्ड ज्वैलरी में भी उन्हें अक्सर देखा जाता रहा है।
सोशल साइट्स पर दीवानगी
जेनिफर के 29 लाख फैन्स उन्हें इंस्ट्राग्राम पर फॉलो कर ये देखते हैं कि वे कौन से फोटो और वीडियो शेयर कर रही हैं। वे खुद केवल 331 लोगों को फॉलो करती हैं और अभी तक 4391 पोस्ट इंस्ट्राग्राम पर वे कर चुकी हैं।
20 करोड़ का आलीशान घर
जेनिफर 20 करोड़ के अपने आलीशान मेन्शन में रहती हैं, जिसमें 6 बेडरूम, 7 बाथरूम और अन्य सारी लग्जीरियस सुविधाएं मौजूद हैं। ये घर बर रिज, शिकागो में है। इस किलेनुमा घर को मैजेस्टिक एस्टेट कहकर पुकारा जाता है। फ्लोटिंग स्टाइल की सीढ़ियां, 2 लॉन्ड्री रूम, स्क्रीनिंग थिएटर और ब्राजील का चैरी फ्लोर घर की शोभा बढ़ाता है।
यहां से भी कमाती हैं
लाइफस्टाइल डेस्क. अमेरिकन सिंगर और एक्ट्रेस जेनिफर हडसन ने पिछले दिनों हेलीकॉप्टर दुर्घनटना में मारे गए खिलाड़ी कोबे को अपने गीतों से एक मैच के दौरान अपने परफॉर्मेंस से श्रृद्धांजलि दी। 2006 में एफी वॉइट इन ड्रीम गर्ल से अपने फिल्मी कॅरिअर की शुरुआत करने वाली जेनिफर ने कई हॉलिवुड फिल्मों में काम किया और दौलत और शोहरत बटोरी। अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा महंगी कारों व घर खरीदने में खर्च करती हैं जेनिफर।
18 की उम्र में पहला प्यार
जेनिफर जब 18 साल की थीं, तब उन्होंने जेम्स पैटोन के साथ 1999 में डेटिंग शुरू की। 2007 में उनका रिलेशन खत्म हो गया। इसके बाद WWE के प्रोफेशनल रेसलर डेविड ओटुंगा से उनकी मुलाकात हुई और 2008 में दोनों ने सगाई कर ली। वर्ष 2009 में हडसन ने एक बेटी को जन्म दिया और उसके बाद उनका एक बेटा भी हुआ पर 2017 में डेविड से भी अलगाव हो गया।
महंगी कारों का कलेक्शन है उनके पास
जेनिफर के पास महंगी और लग्जीरियस कारों का भी बड़ा कलेक्शन है। 60 लाख से ऊपर की कारें उनके काफिले में हैं। इनमें केडिललेक एस्केलेड, लिंकन नेविगेटर, लिंकन टॉउन कार लिमो व जीएमसी युकोन जैसी बड़ी कारें हैं, जिनमें वे खुद को कम्फर्ट महसूस करती हैं। सोने की चेन वाले सनीकर्स पहनना उन्हें बहुत पसंद है और गोल्ड ज्वैलरी में भी उन्हें अक्सर देखा जाता रहा है।
सोशल साइट्स पर दीवानगी
जेनिफर के 29 लाख फैन्स उन्हें इंस्ट्राग्राम पर फॉलो कर ये देखते हैं कि वे कौन से फोटो और वीडियो शेयर कर रही हैं। वे खुद केवल 331 लोगों को फॉलो करती हैं और अभी तक 4391 पोस्ट इंस्ट्राग्राम पर वे कर चुकी हैं।
20 करोड़ का आलीशान घर
जेनिफर 20 करोड़ के अपने आलीशान मेन्शन में रहती हैं, जिसमें 6 बेडरूम, 7 बाथरूम और अन्य सारी लग्जीरियस सुविधाएं मौजूद हैं। ये घर बर रिज, शिकागो में है। इस किलेनुमा घर को मैजेस्टिक एस्टेट कहकर पुकारा जाता है। फ्लोटिंग स्टाइल की सीढ़ियां, 2 लॉन्ड्री रूम, स्क्रीनिंग थिएटर और ब्राजील का चैरी फ्लोर घर की शोभा बढ़ाता है।
यहां से भी कमाती हैं
चाट खाना तो लगभग सभी लोगों को पसंद होता है चाहे वह आलू टिक्की चाट हो या फिर पापड़ी चाट लेकिन इस बार घर पर खस्ता कचौड़ी चाट बनाकर सबका मुंह नमकीन करें.
जब साक्षी मलिक ने रियो में रचा था इतिहास, जीता था कुश्ती में ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडल
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज क्रिस लिन (Chris Lynn) जैसे ही आउट हुए उनके सिर से धुंआ उड़ता नजर आ रहा था.
कहते हैं कि थाई मसाज बॉडी और मन, दोनों को एकसाथ बैलेंस कर सकता है. थाई मसाज में आपकी मांसपेशियों, नरम टिश्यू और लिगामेंट्स (ligaments) को रिलैक्स करती है.
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज क्रिस लिन (Chris Lynn) जैसे ही आउट हुए उनके सिर से धुंआ उड़ता नजर आ रहा थाहेल्थ डेस्क. कोई भी पक्षी पंख के बिना अधूरा है। ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। 12 हफ्ते के वे-वे नाम के एक तोते के पंख किसी ने काट दिए, उसका मालिक उसे लेकर जानवरों के डॉक्टरों के पास पहुंचा। डॉक्टर ने तोते को एनेस्थीसिया देकर प्रॉस्थेटिक पंख लगाए। तोता अब उड़ान भर सकता है। तोते की सर्जरी से जुड़ी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो भी रही हैं।

हाल ही में जख्मी तोते को उसका मालिक ऑस्ट्रेलिया के अनयूज्वुअल पेट वेट्स क्लीनिक लेकर पहुंचा था। वेटनरी डॉक्टर कैथरीन अपुली के मुताबिक, तोते के पंखों को काफी ज्यादा काट दिया गया था, जिसके कारण वह बार-बार उड़ने की कोशिश दौरान ऊंचाई से गिर कर बुरी तरह से घायल हो गया था।

डॉक्टर कैथरीन अपुली ने उसमें प्रोस्थेटिक पंख लगाने की प्रक्रिया शुरू की। पंखों को लगाने के लिए तोते को एनेस्थीसिया दिया गया। सबसे पहले कटे हुए पंख के बेस लकड़ी टूथपिक ग्लू की मदद से चिपकाए गए। फेदर बैंक से पंखों को लाकर इसे तोते में लगाया गया। सर्जरी के कुछ ही घंटों के बाद वह उड़ सकता था। डॉक्टरों का कहना है कि जैसे-जैसे तोते के वास्तविक पंख बड़े होंगे, अलग-अलग से लगाए गए पंख हटा दिए जाएंगे।

हॉस्पिटल के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर तोते और प्रोस्थेटिक पंखों की तस्वीरें शेयर की गईं। जिससे 30 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया और 1 हजार कमेंट आए। हॉस्पिटल का कहना है कि यह प्रक्रिया आसान नहीं रही। ऐसे मामलों में तोते को इंजरी होने का खतरा भी रहता है।

अगर आप नारियल की मीठी गुजिया खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार अपने परिवार और बच्चों के लिए मटर की मीठी गुजिया जरूर बनाएं.Diwali 2020: इस साल कई लोग सुरक्षा कारणों से घर पर दिवाली की मिठाई (Diwali Sweets) बना रहे हैं. अगर आप इनमें से एक हैं, तो आप कुछ उपयोगी टिप...