भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) से लेकर श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) तक, सभी ने फैंस को नए साल की बधाई दीfrom Latest News अन्य खेल News18 हिंदी https://ift.tt/35bhZZN
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भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) से लेकर श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) तक, सभी ने फैंस को नए साल की बधाई दी
सायना (Saina Nehwal) 2000 में पहली बार 10 साल की उम्र में कश्यप (Parupalli Kashyap) से मिली थीं
इस साल का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट ओलिंपिक है तो भारतीय टीम को तीन वर्ल्ड कप भी खेलना है
आइए आज जानते हैं कि पनीर भरवां शिमला कैसे बनाया जाता है...
ओलिंपिक क्वालीफायर (Olympic Qualifier) से पहले भारतीय टेबल टेनिस जर्मनी की नेशनल टीम के साथ अभ्यास करेगी.लाइफस्टाइल डेस्क. टूरिज्म के लिहाज से नया साल काफी अलग होगा। पर्यटक ऐसी जगह और लोगों के बीच जाना चाहते हैं जहां उनके पूर्वज रहते थे। डीएनए से मिलान करके ऐसे लोगों और जगहों से जुड़ी जानकारियां पर्यटकों को दी भी जा रही हैं। नया साल ऐसे ही डीएनए टूरिज्म और सेकंड सिटी ट्रेंड के नाम रहेगा। यह बात दुनियाभर के 22 हजार पर्यटक और 18 करोड़ टूरिस्ट रिव्यू के विश्लेषण के बाद वेबसाइट बुकिंग डॉट काम ने जारी की है।
सर्वे में सामने आया कि पर्यटक सिर्फ फेमस डेस्टिनेशन का रुख नहीं करना चाहते। वो उसकी तरह दिखने वाली दूसरी जगहों पर भी जाना चाहते हैं वो भी लंबे रास्ते से, इसे सेकंड सिटी ट्रेंड का नाम दिया गया है। इस तरह पर्यटक अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए छोटे-बड़े हर पड़ाव को एंजॉय करना चाहते हैं। वेबसाइट ने रिपोर्ट के आधार पर 2020 के ट्रेवल टेंड जारी किए। जानिए इनके बारे में...
डीएनए टूरिज्म : पूर्वजों की जन्मभूमि ढूंढने की कोशिश

पूर्वज कहां के थे और कैसे थे, पर्यटक यहीं जानने के लिए डीएनए टूरिज्म को अपना रहे हैं। वो अपने डीएनए से मिलते जुलते दूसरे देश के लोगों के बीच जा रहे हैं। उनका मानना है हमें पूर्वजों के जन्मस्थान को देखना और समझना चाहिए। ट्रेवल के इस ट्रेंड को एनसेंस्ट्रल टूरिज्म यानी पूर्वज पर्यटन का नाम भी दिया गया है। इसके लिए पर्यटक बाकायदा लार और स्वैब सेंपल भी दे रहे हैं जिसकी रिपोर्ट ईमेल से उन्हें दी जा रही है। घर पर ही डीएनए टेस्ट की सुविधा ने इस ट्रेंड को आसानी से बढ़ने में मदद भी की है।
सेकंड सिटी ट्रेवल : फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन के नए विकल्प

सेकंड सिटी ट्रेवल यानी ऐसी जगहों की ओर रुख करना जो खूबसूरत हैं लेकिन उनके बारे में काफी कम जानकारी उपलब्ध है। ऐसे टूरिस्ट प्लेसेस जहां घूमना महंगा है उनके विकल्प के तौर पर वो जगह ढूंढी जा रही है जो देखने और घूमने में महंगे डेस्टिनेशन जैसे हैं। सर्वे के मुताबिक, 51 फीसदी पर्यटक अपनी पसंद से मिलता जुलता दूसरा विकल्प मिलने पर डेस्टिनेशन बदलते हैं। ऐसी यात्राओं का चलन शुरु हो चुका है और 2020 इसके लिए जाना जाएगा। ट्रेवलिंग का यह तरीका नामचीन टूरिस्ट प्लेसेस से ओवर टूरिज्म का भार कम करेगा और घूमने के नए विकल्प सामने रखेगा। टूरिज्म से जुड़ी ऐप और वेबसाइट इस ट्रेंड को बढ़ाने में मदद कर रही हैं। दुनियाभर के 60 फीसदी टूरिस्ट यह जानने की कोशिश भी करते हैं कहां की यात्रा करने पर वहां के स्थानीय लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
स्लो-मोटूरिज्म : जानबूझकर लंबा रास्ता चुनने का बढ़ेगा ट्रेंड

2020 में 48 फीसदी पर्यटक हड़बड़ी में यात्रा नहीं करना चाहते। वो ऐसा लंबा रास्ता चुनना चाहते हैं जो रास्ते में पड़ने वाले हर डेस्टिनेशन से रूबरू कराए। डेस्टिनेशन पहुंचने के लिए पर्यटक पैडल बाइक, ट्रैम और नाव का प्रयोग करेंगे। 57 फीसदी ट्रेवलर लंबा रास्ता में चुनने में हिचकते नहीं। उनका मानना है कि लंबा रास्ता चुनने पर वे ऐसी जगहों को देख पाते हैं जो आमतौर पर छूट जाती हैं। इस तरह नए डेस्टिनेशन सामने आते हैं।
तकनीक से चुनाव : एआई दे रहे घूमने के नए विकल्प

59 फीसदी पर्यटकों को सप्राइस डेस्टिनेशन पसंद हैं। वहीं, 46 फीसदी पर्यटकों का कहना है कि नई जगह को ढूंढने और वहां हो रही एक्टिविटी में शामिल होने में ऐप काफी मददगार साबित होती हैं। इस तरह उनके लए नए जगहों का चुनाव करना आसान होता है। यात्रा से जुड़ी बुकिंग के लिए 44 फीसदी पर्यटक ऐप का प्रयोग करते हैं। फोन में नए विकल्प सामने लाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी अहम रोल निभा रही है। यह तकनीक पर्यटकों के समाने उनकी पसंद के मुताबिक, नए डेस्टिनेशन के विकल्प पेश कर रही है।
लाइफस्टाइल डेस्क. टूरिज्म के लिहाज से नया साल काफी अलग होगा। पर्यटक ऐसी जगह और लोगों के बीच जाना चाहते हैं जहां उनके पूर्वज रहते थे। डीएनए से मिलान करके ऐसे लोगों और जगहों से जुड़ी जानकारियां पर्यटकों को दी भी जा रही हैं। नया साल ऐसे ही डीएनए टूरिज्म और सेकंड सिटी ट्रेंड के नाम रहेगा। यह बात दुनियाभर के 22 हजार पर्यटक और 18 करोड़ टूरिस्ट रिव्यू के विश्लेषण के बाद वेबसाइट बुकिंग डॉट काम ने जारी की है।
सर्वे में सामने आया कि पर्यटक सिर्फ फेमस डेस्टिनेशन का रुख नहीं करना चाहते। वो उसकी तरह दिखने वाली दूसरी जगहों पर भी जाना चाहते हैं वो भी लंबे रास्ते से, इसे सेकंड सिटी ट्रेंड का नाम दिया गया है। इस तरह पर्यटक अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए छोटे-बड़े हर पड़ाव को एंजॉय करना चाहते हैं। वेबसाइट ने रिपोर्ट के आधार पर 2020 के ट्रेवल टेंड जारी किए। जानिए इनके बारे में...
डीएनए टूरिज्म : पूर्वजों की जन्मभूमि ढूंढने की कोशिश
पूर्वज कहां के थे और कैसे थे, पर्यटक यहीं जानने के लिए डीएनए टूरिज्म को अपना रहे हैं। वो अपने डीएनए से मिलते जुलते दूसरे देश के लोगों के बीच जा रहे हैं। उनका मानना है हमें पूर्वजों के जन्मस्थान को देखना और समझना चाहिए। ट्रेवल के इस ट्रेंड को एनसेंस्ट्रल टूरिज्म यानी पूर्वज पर्यटन का नाम भी दिया गया है। इसके लिए पर्यटक बाकायदा लार और स्वैब सेंपल भी दे रहे हैं जिसकी रिपोर्ट ईमेल से उन्हें दी जा रही है। घर पर ही डीएनए टेस्ट की सुविधा ने इस ट्रेंड को आसानी से बढ़ने में मदद भी की है।
सेकंड सिटी ट्रेवल : फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन के नए विकल्प
सेकंड सिटी ट्रेवल यानी ऐसी जगहों की ओर रुख करना जो खूबसूरत हैं लेकिन उनके बारे में काफी कम जानकारी उपलब्ध है। ऐसे टूरिस्ट प्लेसेस जहां घूमना महंगा है उनके विकल्प के तौर पर वो जगह ढूंढी जा रही है जो देखने और घूमने में महंगे डेस्टिनेशन जैसे हैं। सर्वे के मुताबिक, 51 फीसदी पर्यटक अपनी पसंद से मिलता जुलता दूसरा विकल्प मिलने पर डेस्टिनेशन बदलते हैं। ऐसी यात्राओं का चलन शुरु हो चुका है और 2020 इसके लिए जाना जाएगा। ट्रेवलिंग का यह तरीका नामचीन टूरिस्ट प्लेसेस से ओवर टूरिज्म का भार कम करेगा और घूमने के नए विकल्प सामने रखेगा। टूरिज्म से जुड़ी ऐप और वेबसाइट इस ट्रेंड को बढ़ाने में मदद कर रही हैं। दुनियाभर के 60 फीसदी टूरिस्ट यह जानने की कोशिश भी करते हैं कहां की यात्रा करने पर वहां के स्थानीय लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
स्लो-मोटूरिज्म : जानबूझकर लंबा रास्ता चुनने का बढ़ेगा ट्रेंड
2020 में 48 फीसदी पर्यटक हड़बड़ी में यात्रा नहीं करना चाहते। वो ऐसा लंबा रास्ता चुनना चाहते हैं जो रास्ते में पड़ने वाले हर डेस्टिनेशन से रूबरू कराए। डेस्टिनेशन पहुंचने के लिए पर्यटक पैडल बाइक, ट्रैम और नाव का प्रयोग करेंगे। 57 फीसदी ट्रेवलर लंबा रास्ता में चुनने में हिचकते नहीं। उनका मानना है कि लंबा रास्ता चुनने पर वे ऐसी जगहों को देख पाते हैं जो आमतौर पर छूट जाती हैं। इस तरह नए डेस्टिनेशन सामने आते हैं।
तकनीक से चुनाव : एआई दे रहे घूमने के नए विकल्प
59 फीसदी पर्यटकों को सप्राइस डेस्टिनेशन पसंद हैं। वहीं, 46 फीसदी पर्यटकों का कहना है कि नई जगह को ढूंढने और वहां हो रही एक्टिविटी में शामिल होने में ऐप काफी मददगार साबित होती हैं। इस तरह उनके लए नए जगहों का चुनाव करना आसान होता है। यात्रा से जुड़ी बुकिंग के लिए 44 फीसदी पर्यटक ऐप का प्रयोग करते हैं। फोन में नए विकल्प सामने लाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी अहम रोल निभा रही है। यह तकनीक पर्यटकों के समाने उनकी पसंद के मुताबिक, नए डेस्टिनेशन के विकल्प पेश कर रही है।
लाइफस्टाइलडेस्क. देश-दुनिया के कई स्थानों पर नए साल का यादगार जश्न मनाया जाता है। आसमान में भव्य आतिशबाजी और रॉक बैंड्स की परफॉर्मेंस के बीच ये जश्न रातभर चलता है। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वॉयर में भी जश्न के लिए देश-दुनिया से आए पर्यटक भारी संख्या में जुटते हैं।
लाइफस्टाइलडेस्क. देश-दुनिया के कई स्थानों पर नए साल का यादगार जश्न मनाया जाता है। आसमान में भव्य आतिशबाजी और रॉक बैंड्स की परफॉर्मेंस के बीच ये जश्न रातभर चलता है। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वॉयर में भी जश्न के लिए देश-दुनिया से आए पर्यटक भारी संख्या में जुटते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क. एक तरफ देश की कुछ महिलाएं कॉर्पोरेट की दुनिया में नाम रोशन कर रही हैं, तो वहीं कुछ ऐसी भी हैं जो घरों को संभालते हुए परिवार को पूरा वक्त देने का फैसला लिया है। कई महिलाएं शादी, प्रेग्नेंसी, मातृत्व, फैमिली मेंबर्स की देखभाल, जॉब ट्रांसफर जैसे कारणों से नौकरी छोड़ भी देती हैं। ऐसी ही महिलाओं के लिए ऑनलाइन ऐसे कई पोर्टल्स हैं जो उनकी पसंद के हिसाब से जॉब्स ढूंढने में मदद करते हैं। ये पोर्टल्स खासतौर से महिलाओं के लिए ही फुल-टाइम, पार्ट-टाइम, वर्क फ्रॉम होम और फ्रीलांसिंग जॉब्स ढूंढने का काम करते हैं। gharsenaukri.com की डिजिटल कंटेंट हेड रूमानी सैकिया फुकन बता रही हैं ऐसे टॉप 5 पोर्टल्स जहां महिलाओं मनमुताबिक जॉब ढूंढ सकती हैं...
जॉब्स फॉर हर
यह जॉब पोर्टल खासतौर से उन महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है, जो अपने कॅरियर से कुछ समय ब्रेक लेने के बाद दोबारा जॉब की तलाश में हैं। 'JobsForHer' बेंगलुरु में शुरू हुई एक कंपनी है। आपको इस पोर्टल पर जॉब ऑफर, सलाह, स्किल्स बढ़ाने के कोर्स, इंस्पिरेशन आदि आसानी से मिल सकते हैं।
वेबसाइट- jobsforher.com
हर सेकंड इनिंग्स
जैसा कि इस पोर्टल का नाम है, यह पोर्टल भी उन महिला प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है जो कॅरियर से ब्रेक लेने के बाद अपनी सेकंड इनिंग्स के लिए तैयार हों। Her Second Innings पोर्टल महिलाओं के लिए परमानेंट जॉब्स, टेम्पररी जॉब्स, वर्क फ्रॉम होम ऑफर्स और बिजनेस के नए अवसर तक ढूंढने में मदद करता है। इस पोर्टल के जरिए इंटर्नशिप और ट्रेनिंग के अवसर पा कर महिलाएं अपनी स्किल्स को भी बेहतर कर सकती हैं।
वेबसाइट- hersecondinnings.com
अवतार आई-विन
अवतार इंडियन वुमन प्रोफेशनल्स इंटरफेस नेटवर्क यानी AVTAR I-WIN भारत का पहला ऐसा पोर्टल है जो उन महिलाओं का दोबारा कॅरियर बनाने में मदद करता है जिन्होंने किसी वजह से अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ब्रेक ले लिया हो। इस पोर्टल पर रिक्रूटमेंट सर्विस, कॅरियर काउंसलिंग, स्किल बिल्डिंग जैसी कई सर्विस उपलब्ध हैं।
वेबसाइट- avtarwomen.com
घर से नौकरी
2014 में लॉन्च हुआ GharSeNaukri पोर्टल विशेष रूप से महिलाओं को घर बैठे नौकरी करने के अवसर दिलाने में मदद करता है। साथ ही इस पोर्टल पर फ्रीलांसिंग जॉब्स, पार्ट-टाइम जॉब्स आदि भी आसानी से उपलब्ध हैं। इस पोर्टल को 'एक्शन फॉर इंडिया' द्वारा पिछले 3 वर्षों से लगातार बेस्ट सोशल एंटरप्राइज का पुरस्कार मिलता आ रहा है।
वेबसाइट- gharsenaukri.com
शीरोज़
यह महिलाओं के लिए बनाए गए सबसे पॉपुलर कॅरियर प्लेटफॉर्म्स में से एक है। यह विभिन्न डोमेन में महिलाओं के लिए नौकरी के अवसरों को खोजने में मदद करता है। इसके अलावा यह पोर्टल प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए मेंटर्स और कम्युनिटीज से कनेक्ट करता है। इस पोर्टल पर आप नए स्किल्स सीखने के लिए वर्कशॉप भी ले सकती हैं।
वेबसाइट- sheroes.com
लाइफस्टाइल डेस्क. एक तरफ देश की कुछ महिलाएं कॉर्पोरेट की दुनिया में नाम रोशन कर रही हैं, तो वहीं कुछ ऐसी भी हैं जो घरों को संभालते हुए परिवार को पूरा वक्त देने का फैसला लिया है। कई महिलाएं शादी, प्रेग्नेंसी, मातृत्व, फैमिली मेंबर्स की देखभाल, जॉब ट्रांसफर जैसे कारणों से नौकरी छोड़ भी देती हैं। ऐसी ही महिलाओं के लिए ऑनलाइन ऐसे कई पोर्टल्स हैं जो उनकी पसंद के हिसाब से जॉब्स ढूंढने में मदद करते हैं। ये पोर्टल्स खासतौर से महिलाओं के लिए ही फुल-टाइम, पार्ट-टाइम, वर्क फ्रॉम होम और फ्रीलांसिंग जॉब्स ढूंढने का काम करते हैं। gharsenaukri.com की डिजिटल कंटेंट हेड रूमानी सैकिया फुकन बता रही हैं ऐसे टॉप 5 पोर्टल्स जहां महिलाओं मनमुताबिक जॉब ढूंढ सकती हैं...
जॉब्स फॉर हर
यह जॉब पोर्टल खासतौर से उन महिलाओं के लिए डिजाइन किया गया है, जो अपने कॅरियर से कुछ समय ब्रेक लेने के बाद दोबारा जॉब की तलाश में हैं। 'JobsForHer' बेंगलुरु में शुरू हुई एक कंपनी है। आपको इस पोर्टल पर जॉब ऑफर, सलाह, स्किल्स बढ़ाने के कोर्स, इंस्पिरेशन आदि आसानी से मिल सकते हैं।
वेबसाइट- jobsforher.com
हर सेकंड इनिंग्स
जैसा कि इस पोर्टल का नाम है, यह पोर्टल भी उन महिला प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है जो कॅरियर से ब्रेक लेने के बाद अपनी सेकंड इनिंग्स के लिए तैयार हों। Her Second Innings पोर्टल महिलाओं के लिए परमानेंट जॉब्स, टेम्पररी जॉब्स, वर्क फ्रॉम होम ऑफर्स और बिजनेस के नए अवसर तक ढूंढने में मदद करता है। इस पोर्टल के जरिए इंटर्नशिप और ट्रेनिंग के अवसर पा कर महिलाएं अपनी स्किल्स को भी बेहतर कर सकती हैं।
वेबसाइट- hersecondinnings.com
अवतार आई-विन
अवतार इंडियन वुमन प्रोफेशनल्स इंटरफेस नेटवर्क यानी AVTAR I-WIN भारत का पहला ऐसा पोर्टल है जो उन महिलाओं का दोबारा कॅरियर बनाने में मदद करता है जिन्होंने किसी वजह से अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ब्रेक ले लिया हो। इस पोर्टल पर रिक्रूटमेंट सर्विस, कॅरियर काउंसलिंग, स्किल बिल्डिंग जैसी कई सर्विस उपलब्ध हैं।
वेबसाइट- avtarwomen.com
घर से नौकरी
2014 में लॉन्च हुआ GharSeNaukri पोर्टल विशेष रूप से महिलाओं को घर बैठे नौकरी करने के अवसर दिलाने में मदद करता है। साथ ही इस पोर्टल पर फ्रीलांसिंग जॉब्स, पार्ट-टाइम जॉब्स आदि भी आसानी से उपलब्ध हैं। इस पोर्टल को 'एक्शन फॉर इंडिया' द्वारा पिछले 3 वर्षों से लगातार बेस्ट सोशल एंटरप्राइज का पुरस्कार मिलता आ रहा है।
वेबसाइट- gharsenaukri.com
शीरोज़
यह महिलाओं के लिए बनाए गए सबसे पॉपुलर कॅरियर प्लेटफॉर्म्स में से एक है। यह विभिन्न डोमेन में महिलाओं के लिए नौकरी के अवसरों को खोजने में मदद करता है। इसके अलावा यह पोर्टल प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए मेंटर्स और कम्युनिटीज से कनेक्ट करता है। इस पोर्टल पर आप नए स्किल्स सीखने के लिए वर्कशॉप भी ले सकती हैं।
वेबसाइट- sheroes.com
हिसार (महबूब अली). गाय की यूरिन से तैयार किए गए कैप्सूल और टेबलेट से कैंसर की दूसरी स्टेज और किडनी की समस्या का इलाज होगा। हृदय रोग में भी यह दवा कारगर है। फ्रिज फ्लाइंग टेक्नोलॉजी से तैयार यह दवा खून भी साफ करती है।
गुजरात के सरदार वल्लभभाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एसवीएनआईटी ) के प्रोफेसर डॉ. भारत धोलकिया ने अपने सहयोगियों के साथ कई साल की कड़ी मेहनत के बाद यह दवा तैयार की है। उन्होंने सोमवार को गुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी (जीजेयू) के तीन दिन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन शोध प्रस्तुत किया।
6 महीने पहले ही कामयाबी मिली
डॉ. भारत ने बताया कि उन्हें गाय की यूरिन के विशेष गुणों की वजह से इससे दवा बनाने का विचार आया। कई साल रिसर्च की। फ्रिज ड्राइंग टेक्नोलॉजी से तकनीक से -20 से -30 डिग्री टेम्प्रेचर पर गाय के यूरिन पाउडर बनाया, फिर इससे टेबलेट और कैप्सूल बनाए। करीब छह महीने पहले उन्हें कामयाबी ऐसा कर पाने में कामयाबी मिली।
फ्रिज ड्राइंग तकनीक क्या है?
यह किसी पदार्थ से पानी को अलग करने की प्रक्रिया है। इसमेंमें तरल पदार्थ को बेहद कम दाब पर शून्य से नीचे के तापमान पर जमाया जाता है। फिर कम दाब पर ही इसे गर्म किया जाता है। इससे पानी अलग हो जाता है।
सुबह-शाम एक-एक टेबलेट लेनी होगी
प्रयोग में पाया गया कि यह दवा हर तरह के कैंसर की दूसरी स्टेज के इलाज में कारगर है। मरीज को यह टेबलेट सुबह और शाम को लेनी होती है। इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, ओमेगा 6 और ओमेगा 9 फैटी एसिड भी होता है। गुजरात में इसकी बिक्री भी शुरू हो गई है।
प्रो. भारत रिएक्टर से बयो डीजल भी बना चुके
प्रो. भारत ने वातावरण को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए रिएक्टर से बायो डीजल भी तैयार किया है। यह वनस्पति तेलों से बने बायो डीजल से अलग है। इसे बिना किसी परिवर्तन के डीजल इंजनों में प्रयोग कर सकते हैं। वनस्पति तेलों से बने ईंधनों को कुछ बदलावों के साथ ही ‘इग्निशन कम्बस्शन’ इंजनों में इस्तेमाल किया जाता है।
बांग्लादेश में पहली बार आयोजित हुई महिलाओं की बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता (Bangladesh Womens Bodybuilding Championship) में अवोना रहमान (Awhona Rahman) ने मारी बाजी
बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स (Birmingham Commonwealth Games) से शूटिंग को हटाए जाने के बाद आईओए प्रमुख नरिंदर बत्रा ने भारत को इन खेलों से हटने का प्रस्ताव रखा था
विश्व चैंपियनशिप और एशियन गेम्स मेडलिस्ट विकास कृष्ण (Vikas Krishan) लंबे समय तक 75 किग्रा में खेलते रहे, लेकिन पीठ की चोट से उबरने के बाद उन्होंने 69 किग्रा में वापसी की.
जोधपुरू मिर्ची वड़ा (Jodhpuri Mirchi Vada Recipe): राजस्थान में सड़क किनारे मिलने वाले फेमस स्ट्रीट फ़ूड है जोधपुरू मिर्ची वड़ा. ये खाने में काफी टेस्टी, क्रिस्पी और इतना स्पाइसी होता है कि पहली बाइट में ही लोग सी-सी करने लगते हैं. लेकिन इतना स्वादिष्ट भी होता है कि तीखा लगने के बावजूद भी लोग इसे खाते हैं.
इस साल भारत ने विश्व चैंपियनशिप(AIBA World Boxing Championships) में खास उपलब्धि हासिल की तो साल खत्म होते- होते डोप का भी डंक लग गया
भारतीय शंतरज स्टार विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand) ने 2017 में यह खिताब ओपन वर्ग में जीता था
आइजोल का यह खिलाड़ी 2020 टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympic) के लिए जगह बनाने की कोशिश कर रहा है.
निकहत जरीन ने जब ट्रायल की मांग की थी तब ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने उन्हें सही बताया थाहेल्थ डेस्क. नए साल का स्वागत एल्कोहल से न करें तो ही बेहतर होगा, क्योंकि यह सेहत के लिए हमेशा नुकसानदेह ही होती है। फिर भी अगर न्यू ईयर पार्टी में ज्यादा एल्कोहल लेने के कारण हैंगओवर की समस्या हो तो उससे बाहर आने या राहत दिलाने में ये आसान से टिप्स काफी मददगार हो सकते हैं। सीनियर कंसलटेंट डॉ. तरुण साहनी से जानिए हैंगओवर दूर करने के तरीके...
इस सीजन में मेजबान ब्लास्टर्स (Kerla Blasters) का यह 10वां मैच था. टीम चार हार, पांच ड्रॉ और एक जीत से आठ अंक लेकर नौवें स्थान पर है.
खस्ता पूरी रेसिपी (Khasta Puri Receipe): आइए आज जानते हैं कि किस तरह बनाई जाती हैं कुरकुरी खस्ता पूरी ताकि बढ़ जाए आपकी थाली का स्वाद कई गुना...
भारत (India) के लिए इस साल विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) और बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) ने ओलिंपिक कोटा हासिल किया
भारतीय तिरंदाजी संघ (Indian Archery Federation) के निलंबित होने के कारण भारतीय खिलाड़ी ओलिंपिक ध्वज के नीचे खेले
Diwali 2020: इस साल कई लोग सुरक्षा कारणों से घर पर दिवाली की मिठाई (Diwali Sweets) बना रहे हैं. अगर आप इनमें से एक हैं, तो आप कुछ उपयोगी टिप...