Monday, December 31, 2018

Nag Panchami 2018: जानें महत्व और पूजा के विधि-विधान

Nag Panchami 2018: जानें महत्व और पूजा के विधि-विधान



नाम पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन साप की पूजा की जाती है साथ ही उन्हें दूध पिलाने का भी विधान है। हिंदी कैलेंडर के हिसाब से सावन महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 15 अगस्त यानी कि आज मनाया जा रहा है। आइये इस त्योहार के बारे में और कुछ जानते हैं।
त्योहार का महत्व
हिंदू धर्म में भगवान के साथ-साथ उनके वाहनों की भी पूजा करने का विधान है। इन वाहनों की पूजा करने के भी एक विशेष दिन निर्धारित होता है। इनकी पूजी करने के भी कुछ विधि और विधान है। सावन के महीने में मजकर वर्षा होती इसी वजह से ही साप पानी की वजह से बाहर निकल आते हैं। ऐसा माना जाता है कि सापों को दूध पिलाने मन की हर मनोकामना पूरी होती है साथ ही सभी कष्टों से मुक्ति भी मिल जाती है।
नाग पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी तिथि प्रारंभ: 15 अगस्त की सुबह 03 बजकर 27 मिनट।
नाग पंचमी तिथि समाप्तभ: 16 अगस्त को दिन में 01 बजकर 51 मिनट।

नाग पंचमी की पूजा विधि
नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठ जाए। और नहा धोकर घर के दरवाजे पर गोबर से नाग बनाएं।
नाग देवता का आह्वन कर उन्हें बैठने के लिए आसान दें।
जल,फूल और चंदन से पूजा शुरू करें।
नाम की प्रतिमा पर चंदन लगाएं साथ ही जल भी चढ़ाएं।
फिर लड्डू भोग लगाएं।
फिर सौभाग्य सूत्र, चंदन, हरिद्रा, चूर्ण, कुमकुम, सिंदूर, बेलपत्र, आभूषण, पुष्प माला, सौभाग्य द्र्व्य, धूप-दीप, ऋतु फल और पान का पत्ता चढ़ाने के बाद आरती करें।
इस दिन घर की नींव नहीं डालनी चाहिए।
इस दिन हल नहीं चलाना चाहिए।
इस दिन नाग देवता को दूध पिलाना चाहिए।
नागों को मुक्त कराना चाहिए इस दिन।

No comments:

Post a Comment

Diwali 2020: परफेक्ट हलवाई स्टाइल में घर पर ऐसे बनाएं गुजिया, ये हैं 5 टिप्‍स

Diwali 2020: इस साल कई लोग सुरक्षा कारणों से घर पर दिवाली की मिठाई (Diwali Sweets) बना रहे हैं. अगर आप इनमें से एक हैं, तो आप कुछ उपयोगी टिप...