Monday, December 17, 2018

PAPETA BETAMEN OR MENRAL SE BHRPUR HOTA HI

पपीता  को आयुर्बेद  में  सर्व गुणों से  सजाया  हुवा  फ़ाल कहा गया है 


सुबह क्यू  खाय  

पपीते प्रायः सभी मौसम में  मिलने  वाला फल है !इसमे   जयादा  फायबर  मेग्निश्यम  विटामिन  सी  प्रचुर मात्रा  में पाया जाता है ओर
फायबर  जो हमारे पेट के लिऐ लाभ करि होता है
उसे प्रकार पपीते  दे  सेवन से दिन  भर ताजगी  भरा अनुभूति  करेंगे
आप ओर   पेट शाफ बनाय  रखने में मदद  करता है

चर्बी  को  कम   करे 

कच्चे पपीते को खाने से वजन कम होता हैं. आप कच्चे पपीते की सब्जी या हलवा बनाकर इसे खाने में प्रयोग कर सकते हैं. हफ्ते में क़रीब 3 से 4 बार अलग-अलग दिन खाएँ. आप ख़ुद देखेंगे कि आपका फैट धीरे-धीरे कम हो जाएगा. सब्जी बनाने के लिए कच्चे पपीते में पानी डालकर ( पपीते के अनुसार पानी डाले ) हल्की आँच पर 20-25 मिनट तक इसे पकने दे. जब पपीता अच्छी तरह गल जाए तो बड़ी चम्मच से मैश कर ले और स्वादानुसार नमक या चीनी मिलाकर खा सकते हैं.

मोटापा या चर्बी ( FAT ) ना तो एक दिन में बनती हैं और ना ही इसे एक दिन में हटाया जा सकता हैं इसलिए अपनी जीवन शैली में सुधार कर संतुलित आहार के साथ नियमित व्यायाम करें. अगर आप पेट की चर्बी से निजात पाना चाहते हैं तो तेल, मसाले और जंक फ़ूड, बिस्किट जैसे चीजों को न खाएं.

*क्यू गर्भ वाती महलओ नही खाना चाइय पपीता आइए  विस्तार जानते है !




इनसब चीज़ों में हमने यह भी सुन रखा है, कि गर्भवती महिलाओं को पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए ? परन्तु ऐसे वक़्त फल खाना तो बहुत ही लाभदायक मन जाता है, तो फिर पपीते से ही परहेज क्यों ? आइये जानते हैं, इसके पीछे के कारणों को पपीता विटामिन स , फोलिक एसिड और फाइबर का भंडार होता है। यह सब मिनरल्स एक गर्भवती के लिए ज़रूरी है, लेकिन अगर पपीता पूरी तरह से पका हुआ है, तो ही आपको उसके यह सारे गुण मिल पाएंगे। वैसे भी यही सलाह दी जाती है, कि अगर पपीता पूरी तरह से पका हुआ न हो तो गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिएऔर अगर पपीता पका हुआ भी है, तो इसका बहुत ही अल्प मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए वह भी अपने डॉक्टर से परामर्श लेने के पश्चात् ही।


कई महिलायें पके हुए पपीते को दूध और शहद के साथ मिलाकर उसका शेक तैयार कर उसे ग्रहण करती है। यह एक अच्छा तरीक़ा है, एक पौष्टिक पेय बनाने का। लेकिन यह ध्यान में जरूर रखा जाये, कि पपीते की मात्रा बहुत कम हो। कच्चे पपीते या उसके बीज या उसके छिलकों की बात करे, तो किसी भी गर्भवती महिला को वह नहीं खाना चाहिए।
कच्चे पपीते में लेटेक्स पाया जाता है। जो की शरीर में गर्मी पैदा करता है और गर्भाशय में भी इसकी वजह से संकुचन प्रारम्भ हो जाता है। जिसकी वजह से शिशु की गर्भाशय में ही मौत हो सकती है। या फिर गर्भपात भी हो सकता है।

इतना ही नहीं यह भी देखा गया है, कि कच्चे पपीते या पपीते के अधिक सेवन से मृत शिशु का जन्म होता है। पपीते की तासीर गर्म ही होती है जो शरीर में अत्यधिक गर्मी बढ़ता है। यह तापमान शिशु के लिए सेहन करना बड़ा मुश्किल हो जाता है, इसके वजह से वह अंदर ही दम तोड़ देता है।






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