लाइफस्टाइल डेस्क.थाईलैंड, प्राकृतिक लुभावने परिदृश्यों, पहाड़ों, भगवान बुद्ध के अलंकृत ऐतिहासिक मंदिरों वाला सुंदर देश है। पर्यटन थाईलैंड का मुख्य आर्थिक आधार है। अतः यहां पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखा जाता है एवं यहां के निवासी आपको हमेशा मुस्कुराते हुए स्वागत करते मिल जाएंगे। इसीलिए थाईलैंड को अक्सर लैंड ऑफ स्माइल्स भी कहा जाता है। थईलैंड में अपना ट्रेवल एक्सपीरियंस शेयर कर रहे हैं जबलपुर के डॉ. विनय तिवारी। उनकी नजर से जानते हैं कैसा है ये देश...
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हमने अपनी यात्रा थाईलैंड के फुकेट द्वीप से प्रारंभ की,जो कि अंडमान सागर में स्थित सुन्दर और शांत पहाड़ी द्वीप है। थाईलैंड के साफ पानी वाले सबसे लोकप्रिय समुद्र तट जैसे काटा बीच, पटोंग बीच, करोन बीच यहीं स्थित है। यहां पर पानी में अठखेलियां करते हुए हमने अपना पहला दिन गुजारा। दूसरे दिन हम स्पीड बोट से फांग नगा खाड़ी जो कि लगभग 100 छोटे और अत्यंत सुन्दर द्वीपों से युक्त है, के डे-टूर पर गए। यहां का प्रमुख आकर्षण जेम्स बांड द्वीप है जो समुद्र के मध्य आश्चर्यजनक रूप से निकली चट्टान है, जिसका ऊपरी भाग बड़ा और तल पर अपेक्षाकृत पतला है। 1974 मे यहां जेम्स बांड फिल्म की शूटिंग हुई थी, तभी से इसे जेम्स बांड द्वीप के नाम से जाना जाता है।
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अगले दिन हम पट्टाया शहर के भ्रमण पर निकले और हम फ्लोटिंग मार्केट, थाई कल्चर विलेज, टाइगर पार्क, सिटी व्यू पॉइंट तथा डॉलफिन शो गए। फ्लोटिंग मार्केट एक जलीय बाजार है, जिसमे हमें छोटी बोट में बैठाकर भ्रमण कराया जाता है और यहाँ हमने खरीददारी का आनंद भी लिया। थाई कल्चर विलेज थाईलैंड की संस्कृति से परिचित कराता है यहां थाई बॉक्सिंग का भी लुत्फ उठाया जा सकता है। यात्रा के अंतिम चरण में हम ऊंची-ऊंची बिल्डिंग युक्त आधुनिक शहर बैंकॉक पहुंचे। शाम के वक्त रंग-बिरंगी लाइट्स के मध्य तथा यहां के व्यस्त ट्रैफिक के ऊपर बने स्काई-वॉक जो विभिन शॉपिंग सेंटर को आपस में जोड़ते हैं, में घूमना अत्यंत मनोहारी लगता है।
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इसी के पास हमने खूबसूरत हांग द्वीप मेंचूना पत्थरों युक्त छोटे द्वीपों और उनके सदाबहार वनों से निर्मित समुद्री गुफाओं के अद्भुत दृश्यों के मध्य केनोइंग (चप्पू युक्त डोंगी) का खूब आनंद लिया। यह अनुभव अनोखा और रोमांचित कर देने वाला था। आइसक्रीम गुफाओं के नाम से प्रसिद्ध चूना पत्थर से निर्मित द्वीपों में स्थित गुफाएं हजारों वर्ष से हो रहे पानी के रिसाव के कारण अंदर अद्भुत नजारा पेश करती हैं।
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अगले दिन हमने माया खाड़ी स्थित फी-फी आइलैंड की ओर रुख किया। शीशे की तरह साफ पानी और सफेद रेत युक्त द्वीपों में हमने लाइफ जैकेट के साथ मछलियों के साथ तैराकी और स्नॉर्कलिंग (श्वास नली लगाकर गोता लगाना) का आनंद लिया। क्रिस्टल क्लियर पानी के भीतर विविध रंगीन मछलियां मूंगा चट्टानें देखते हुए समुद्री जीवन की खोज ने हमें एक अद्भुत और न भूलने वाला अनुभव प्रदान किया।
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अंतिम दिन हम सत्रहवी शताब्दी में निर्मित चाओ-फ्राया नदी तट पर स्थित द ग्रेंड पैलेस देखने पहुंचे। हजारों एकड़ में फैला यह भव्य राजमहल थाई वास्तुकला का एक नायाब नमूना है। महल परिसर में ही स्थित एमराल्ड बुद्ध मंदिर थाईलैंड के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक है। इसी मंदिर के समीप एक अन्य मंदिर “रिक्लइनिंग बुद्धा टेम्पल” अपने आपमें अनूठा है। यहां भगवान बुद्ध की 46 मीटर लंबी और 15 मीटर ऊंची प्रतिमा है। बौद्ध विरासत का एक और नायाब तोहफा तेरहवीं सदी का गोल्डन बुद्धा टेम्पल है।
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यात्रा के दूसरे चरण में हम सुंदर प्राकृतिक सी-बीचेसऔर आधुनिकता के मिले-जुले रूप वाले पट्टाया शहर पहुंचे। यहां का आधे दिन का क्रिस्टल क्लियर पानी वाले कोरल आईलैंड का टूर एक आवश्यक गतिविधि है, जिसमें मुख्यतः हमने वॉटर स्पोर्ट्स जैसे पैरासेलिंग, अंडर-वाटर-सी-वाॅक, जेट स्कीइंग, बनाना बोट राइडिंग तथा कोरल रीफ्स में एक्सपर्ट्स की देखरेख में स्कूबा डाइविंग का आनंद लिया।
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