लाइफस्टाइल डेस्क. जापान यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट एमी हागा को निंजा गर्ल कहा जा रहा है। एमी से रिसर्च के लिए निबंध लिखने को कहा गया था जिसके बाद उन्होंने एक कोरा कागज प्रोफेसर को दिया। कागज पर निबंध लिखने के लिए एमी ने अदृश्य स्याही का इस्तेमाल किया था। प्रोफेसर ने पेपर को जब स्टोव की आग के सामने देखा तो जवाब समझ में आया। इसके लिए एमा को फुल मार्क्स मिले। सोशल मीडिया पर निबंध की कुछ तस्वीरें वायरल भी हो रही हैं।
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एमी हागा जापान यूनिवर्सिटी में हिस्ट्री की स्टूडेंट्स हैं। उन्हें निंजा के बारे में पढ़ना और लिखना काफी पसंद है। कुछ समय पहले एमी इगारो के निंजा म्यूजियम गई थीं। म्यूजियम में उन्होंने क्या देखा और उनकी जर्नी के बारे में जब प्रोफेसर यूजी यामादा ने उनसे एक निबंध लिखने को कहा तो उन्होंने अदृश्य स्याही का प्रयोग किया।
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अदृश्य स्याही से पत्र लिखने को अपूरीदासी तकनीक कहते हैं। इसे निंजा तकनीक भी कहते हैं। एमी ने निंजा के प्रति अपना लगाव दिखाने के लिए इस स्याही का प्रयोग किया। अपूरीदासी जापान की एक परंपरागत तकनीक है जिसका इस्तेमाल प्राचीन समय में गुप्त संदेश भेजने के लिए किया जाता था।
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अपूरीदासी तकनीक में इस्तेमाल होने वाली स्याही को सोयाबीन से तैयार करते थे। इसके लिए पहले सोयाबीन को पहले भिगोया जाता था फिर इसे पीसकर स्याही में तब्दील किया जाता था। इससे लिखे गए शब्द तभी नजर आते थे जब पेपर को आग के करीब ले जाया जाता था।
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प्रोफेसर यूजी यमादा के मुताबिक, मैंने अलग-अलग कोड में लिखी गईं रिपोर्ट्स देखी हैं लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि अपूरदासी तकनीक से लिखा निबंध मेरे सामने आया है। निंजा का स्वरूप वैसा नहीं होता है जैसा की कार्टून फिल्म्स में दिखाया जाता है। इनकी वेशभूषा से लेकर स्वभाव तक फाइटर की तरह होता है।
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