Monday, October 21, 2019

इस दिवाली कुंदन, पोल्की और टेम्पल जूलरी बनी पहली पसंद, जूलरी डिजाइनर बता रही हैंइसे खरीदते वक्त क्या बरतें सावधानी

लाइफस्टाइल डेस्क. इन दिनोंगोल्ड और डायमंड के जूलरी के साथ-साथ कुंदन और पोल्की का काफी क्रेज बढ़ा है। दिवाली के लिए इसे पसंद किया जा रहा है और खरीदारी भी जारी है। इसे खरीदने से पहले कुछ चीजों का ध्यानरखना जरूरी है।जूलरी डिजाइनर रैना कपूर से जानिए इस दिवाली आप कौनसी जूलरी अपने बजट के मुताबिक खरीद सकती हैं।

  1. कुंदन

    कुंदन जूलरी- हैंडक्राफ्टेड जूलरी की मांग है। कांच की सेटिंग के साथ पारंपरिक कुंदन जूलरी इंडियन आउटफिट्स पर अच्छी लगती है।

    पोल्की

    पोल्की जूलरी- इसमें अनकट डायमंड्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह ज्यादा महंगी भी होती है और त्योहार पर बेहद खास लुक देती है।

    जड़ाऊ

    जड़ाऊ जूलरी- इनमें भी अनकट डायमंड्स ही होते हैं। इन्हें भी पोल्की कहा जाता है। मीनाकारी और कुंदन का भी इस्तेमाल किया जाता है।

    टेम्पल

    टेंपल जूलरी- माइथोलॉजी से प्रेरित जूलरी एजी और एथनिक लुक देती है। पारंपरिक और फ्यूज़न आउटफिट्स पर पहनी जा सकती है।

  2. 24 कैरेट बेहद सॉफ्ट होता है तो इसपर स्क्रैच जल्दी आते हैं, दब जाता है और जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए जूलरी को 22 कैरेट या इससे कम में ही बनाया जाता है। जिस गोल्ड में अलॉय की मात्रा ज्यादा होती है वो मजबूत भी ज्यादा होता है। रोज पहनने वाली जूलरी खरीदना चाहते हैं तो डैमेज से बचने के लिए 18 कैरेट गोल्ड चुन सकते हैं।

    कारीगरी- जूलरी की कारीगरी पर जरूर गौर करें। सरफेस पर स्क्रैच या दाग तो नहीं हैं? स्क्रू ठीक से काम कर रहा है या नहीं? पहनकर जरूर देखें कि ठीक जगह पर बैठती है या नहीं? नेकलेस को मूवमेंट के साथ हिलना या मुड़ना नहीं चाहिए। लंबाई भी सही होनी चाहिए। इयरिंग्स पहनने पर पलटते तो नहीं हैं? स्टोन पीसेस लेते हुए स्टोन सेटिंग चेक कर लें कि ये ढीली तो नहीं है?

  3. गोल्ड

    सही दाम- गोल्ड की कीमत हर शहर में अलग होती है। इसके लिए ट्रांसपोर्टेशन और अन्य चीजें जिम्मेदार हैं। लेकिन शहर बदलने से कीमत में बहुत ज्यादा फर्क नहीं होना चाहिए। ये कीमत चेक करने के बाद ही गोल्ड लें, जिससे आपको मालूम हो कि आप सही कीमत दे रहे हैं।

    हॉलमार्क प्यूरिटी-हॉलमार्क जूलरी का सीधा नाता शुद्धता से है। हॉलमार्क में सोने की शुद्धता या तो कैरेट्स में दी जाती है या फिर एक नंबर दिया जाता है जो प्रतिशत में सोने की शुद्धता बयां करता है। बताता है कि जूलरी पीस में कितना गोल्ड है। जैसे- 8 कैरेट गोल्ड पर लिखा होगा 333 मतलब इसमें 33.3 प्रतिशत सोना है। जूलरी में जिस अलॉय का इस्तेमाल किया है उसे मार्क किया जाता है। जैसे प्लैटिनम है तो PT लिखा होगा, स्टील के लिए SS और पैलेडियम के लिए Pd होगा। GF का मतलब है गोल्ड फिल्ड जूलरी और GP का मतलब है कि जूलरी केवल गोल्ड प्लेटेड है।

    मेकिंग चार्जेस- जूलरी बनाने में लेबर कितना लगा है इससे मेकिंग चार्जेस तय होते हैं जो कारीगरी पर भी निर्भर करते हैं। बारगेन किया जा सकता है। हाथ से बनी जूलरी की मेकिंग मशीन मेड जूलरी के मुकाबले ज्यादा रहेगी।

    ऑफर्स- स्पेशल दिवाली ऑफर्स पर ध्यान दें। अक्सर बड़ जूलरी ब् े डरैं्स फेस्टिव सीजन के दौरान स्पेशल डिस्काउंट और फ्री गिफट्स रखते हैं। अपनी रिसर्च पूरी करने के बाद जो सबसे ज्यादा फायदा दे उसी से खरीदी करें।

    • महंगा जूलरी सेट खरीद रहे हैं तो उसकी शुद्धता, जूलर या हॉलमार्किंग को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए। शुद्धता को लेकर ज़रा सा भी संदेह है, तो तसल्ली के लिए इसे अलग से किसी सर्टिफाइड जूलर से चेक करवा सकते हैं। लेकिन इस सर्विस की कीमत भी चुकानी होती है।
    • खरीदारी से पहले अपनी प्राथमिकता देखें। अगर निवेश की दृष्टि से स्वर्ण आभूषण खरीद रहे हैं, तो खास ध्यान रखें, ताकि बाद में बेचने पर (रीसेल) घाटा ना झेलना पड़े।
    • जो डील और ऑफर ज्यादा सस्ते हैं उनसे बचें। मार्केट रेट से नीचे कभी नहीं बिकता है गोल्ड।
    • रिटर्न पॉलिसी और वॉरंटी के बारे में जानें। आगे कभी जूलरी को लेकर कोई परेशानी आएगी, तो जूलर सहयोग करेंगे।


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      This Diwali Kandan, Polki and Temple Jewelry became the first choice, take special care while buying


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