हेल्थ डेस्क. ‘तिब्बती नूडल सूप...ऊपर से चिली फ्लेक्स का तड़का...’ फूड हिस्टोरियन, लेखक और टीवी होस्ट आशीष चोपड़ा तिब्बती खाने के बारे में रोचक बातें बता रहे हैं। जानते हैं उन्हीं के जुबानी लजीज और पारंपरिक खाने के बारे में। सर्दियों के इस मौसम में मेरे लिए तो यह बहुत बड़ी राहत और गर्माहट है। तिब्बती सूप और वहां के खाने का लुत्फ उठाना हो, तो हर बार तिब्बत जाना मुमकिन नहीं। इसलिए मैं यहां दिल्ली में रहकर भी तिब्बत के स्वाद का भरपूर मजा उठाता हूं। यहां दिल्ली में तिब्बती खाने का दिल हो, तो मेरा मन ‘मजनूं का टीला’ की ओर खुद-ब-खुद चला जाता है। तिब्बती शरणार्थियों की यह कॉलोनी तिब्बत के खाने और वहां की संस्कृति को करीब से देखने के लिए बहुत अच्छी जगह है। वैसे मजनूं का टीला का इतिहास सिखों से भी जुड़ा हुआ है। इस कॉलोनी का 'गुरुद्वारा मजनूं का टीला' और लंगर भी अपने आप में निराला है। कहा जाता है कि सैकड़ों साल पहले ध्यान में बैठे एक व्यक्ति को लोगों ने पागल समझकर मजनूं पुकारना शुरू कर दिया। कुछ दिनों बाद वहां पहुंचे सिख गुरु उस साधक की साधना से प्रभावित हुए। बाद में इसी जगह पर जब गुरुद्वारा बना, तो वह गुरुद्वारा मजनूं का टीला कहलाया। बहरहाल यह जगह अब खानपान पसंद लोगों का अड्डा बन चुकी है।
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