हेल्थ डेस्क. चीन में कोरोनावायरस का असर लगातार बढ़ रहा है। देशभर में इस वायरस से प्रभावित 830 लोगों की पहचान हो चुकी है। इसके अलावा 20 प्रांतों में 1072 लोगों के इसी वायरस से प्रभावित होने का शक है। गुरुवार तक इससे मरने वालों की संख्या 25 पहुंच गई। चीन के जिन 5 शहरों में कोरोनावायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, उन्हें लॉकडाउन कर दिया गया है। वुहान के 90 लाख लोगों समेत कुल2 करोड़ लोग बाहरी दुनिया से अलग हो गए हैं।विशेषज्ञों का कहना है इसके लक्षण आम वायरस संक्रमणजैसे हैं इसलिए इसे आसानी से समझना मुश्किल है।
विशेषज्ञों का कहना है इसके लक्षण आम समस्याओं जैसे हैं इसलिए इसे आसानी से समझना मुश्किल है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के प्रो. मार्क वूलहाउस का कहना है कि हमने जानने की कोशिश की कि नए वायरस असर ज्यादा क्यों है। नए कोरोनावायरस (एनसीओवी) से तेज बुखार, ज्यादा थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, भूख में कमी और डायरिया हो सकता है।संक्रमण और बचाव से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर नेजसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के हेड और इंफेक्शियस डिसीज एक्सपर्टडॉ. ओम श्रीवास्तवसे बात की। जानिए यह कितना खतरनाक है...
Q - क्या है कोरोनावायरसऔर कैसे संक्रमित करता है?
- अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, कोरोना वायरस खास किस्म वायरस का एक समूह है जो विशेषतौर पर जानवरों में पाया जाता है। इसे वैज्ञानिक 'जूनोटिक' कहते हैं। जिसका मतलब है दुर्लभ स्थिति में यह जानवरों से निकलकर इंसानों को संक्रमित कर सकता है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, यह सार्स वायरस जितना खतरनाक है। चीन-हॉन्गकॉन्ग में 2002 में सार्स के संक्रमण से 8 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हुए थे। 1425 की मौत हो गई थी।
- कोरोनावायरस अब तक खोजे गए 6 सबसे खतरनाक वायरस में से एक है। कोरोनावायरस नए किस्म का वायरस हे जो इंसानों को संक्रमित करता है लेकिन उन्हें पता नहीं चल पाता।
- नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट जोनाथन बॉल के मुताबिक बहुत हद तक संभव है कि पशुओं से ही इंसानों तक पहुंचा हो। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने इससे पहले कहा था कि इसे कंट्रोल किया जा सकता है। पर अब यह मुश्किल लग रहा है।
Q - कैसे समझें वायरस का संक्रमण हुआ है?
इसके लक्षण आमतौर पर सर्दी जुकाम जैसे दिखते हैं। कफ, गले में सूजन, सिरदर्द, कई दिनों तक तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो तो यह कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए अलर्ट होने की जरूरत है और विशेषज्ञ से सलाह लें।
Q -सार्स और कोरोनावायरस में अंतर क्या है?
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आमतौर पर वायरस कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले इंसानों को संक्रमित करते हैं। इनमें खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग शामिल होते हैं। वायरस का संक्रमण निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस की तरह सांस में नली में सूजन के रूप में दिखता है।
- कुछ चुनिंदा कोरोनावायरस ऐसे हैं जो इंसानों के लिए काफी खतरनाक माने जाते हैं। जैसे मिडिल ईस्ट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (MERS) का कारण बनने वाला मेर्स वायरस। और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री वायरस (सार्स)। इसलिए आसान भाषा में कहें तो सार्स भी एक तरह का कारोनावायरस है लेकिन नया वायरस थोड़ा ज्यादा खतरनाक है।
- डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, पहली बार सार्स को चीन के गुआंगडोग प्रांत में खोजा गया था। यह सबसे पहले सांस की नली को प्रभावित करता है। जिसके कारण मरीज को सांस लेने में तकलीफ, थकान, डायरिया और गंभीर स्थिति किडनी फेल होने की स्थिति भी बन सकती है। गंभीर स्थिति का आधार मरीज की उम्र होता है यानी जितनी ज्यादा उम्र उतना ज्यादा मौत का खतरा।
Q -कैसे फैलता है यह वायरस?
जानवरों के संपर्क में आने वाले इंसानों को यह वायरस संक्रमित करता है। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, यह जुकाम, छींक और हाथ मिलाने से भी फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर इसका खतरा ज्यादा रहता है।2011 में हुई रिसर्च के मुताबिक, कुत्ते और बिल्ली में कोरोनावायरस का संक्रमण आसानी से होता है। ये जानवर इंसानों के आसपास होने के कारण वायरस फैलने का खतरा रहता है।
Q -संक्रमण होने पर क्या करें?
अब तक कोरोनावायरस का कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है। ज्यादातर मामलों में लक्षण समझते-समझते काफी देर हो जाती है। फिलहाल ऐसे मामलों में दर्द और बुखार की दवाएं दी जाती हैं। सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, गुनगुने पानी से स्नान गले में सूजन और जुकाम में राहत देता है। संक्रमण होने पर ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ और पानी लें। नींद भरपूर लें।
Q- कैसे कर सकते हैं बचाव?
- बचाव के तौर पर मरीज के सीधे संपर्क में आने से बचें। उसकी आंख, नाक और मुंह को न छुएं। मिलने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धुलें। अगर खुद संक्रमित हैं तो घर पर ही रहें, खासतौर पर भीड़ वाले इलाके में जाने से बचें।
- मरीज हैं तो छींकते समय मुंह को ढकें। गर्भवती महिलाओं के लिए मेर्स और सार्स भी खतरनाक हैं। 2014 में हुई रिसर्च के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं में मेर्स और सार्स का संक्रमण होने पर बच्चे की मौत होने का खतरा रहता है।
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