चीन में 14 साल से एक महिला खांसी से जूझ रही थी। वह इसे आम समस्या मानते हुए दवाएं लेती रही। हॉस्पिटल में भी विशेषज्ञों ने लम्बे समय तक जांच नहीं की। महिला दूसरी बीमारी के इलाज के लिए जब हॉस्पिटल पहुंची तो सर्जरी से पहले सीटी स्कैन किया गया। रिपोर्ट में मुर्गी की हड्डी फेफड़े में फंसी मिली। महिला के मुताबिक, खांसी तब शुरू हुई थी जब वह 8 साल की थी।
कई सालों तक एंटीबायोटिक्स लेतीरही
22 वर्षीय महिला ब्रॉन्किक्टेसिस से भी जूझ रही थी। ऐसी स्थिति तब बनती है सांस नली डैमेज होती है और खांसी के दौरान काफी म्यूकस (चिपचिपा पदार्थ) निकलताहै। महिला ने कई सालों तक एंटीबायोटिक्स ली, हालत में सुधार न होने पर बार-बार डॉक्टर बदलती रही।
अधिक पसीना निकलने की समस्या का इलाज कराने पहुंची थी
महिला को अधिक पसीना निकलने की समस्या भी थी। चीन के ग्वांगझू यूनिवर्सिटी ऑफ चाइनीज मेडिसिन के एक हॉस्पिटल में इलाज के लिए सर्जरी की जानी थी। कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. वेंग जियॉन्ग सर्जरी से पहले सीटी स्कैन जांच लिखीं। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि महिला के दाहिने फेफड़े में हड्डी फंसी है। इसकी पुष्टि के लिए विशेषज्ञों ने ब्रॉन्कोस्कोपी की।
2 सेमी लम्बी हड्डी फंसी थी
30 मिनट तक चली ब्रॉन्कोस्कोपी में भी हड्डी मिलने की बात सामने आई। हड्डी 2 सेमी लम्बी थी। इस बात से मरीज और डॉक्टर दोनों की आश्चर्यचकित थे क्योंकि लगातार 14 तक ये फेफड़े में फंसी रही औरविशेष्ज्ञों ने इसे जांच तक नहीं। डॉक्टर्स का कहना है, हो सकता है कि बचपन में चिकन खाते समय सांस लेने पर यह फेफड़े में पहुंच गई हो।
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