Ayurveda health tips, letest News ,hestori, health tips, benefits of fruits, carrent affairs, and
Tuesday, June 23, 2020
चीन में मारे जा रहे डेढ़ फुट के बैम्बू रेट्स, इन 5 किलो वजनी चूहों को यहां ताकत बढ़ाने के लिए खाया जाता है
कोरोना के डर से पेंगोलिन और अन्य दुर्लभ जानवरों पर प्रतिबंध लगाने के बादचीन में अब करीब डेढ़ फुटलंबे बैम्बू रेट्स को मारा जा रहा है। चीनी सरकार ने देश में जंगली जानवरों का व्यापार करने और इन्हें खाने पर पाबंदी लगा दी है।
डेली मेल और द ग्लोबल टाइम्स के मुताबिककोरोना का संक्रमण फैलने की कड़ी में बैम्बू रेट्स कानाम सामने आने पर देश में ये बड़ा कदम उठाया गया है। यहां केहुबेई प्रांत के एक फार्म मेंपहली खेप में1.6 टन चूहों को दफनाकरखत्म किए जाने का वीडियो सामने आया है।
बैम्बू रेट्स खास तरह के मोटेचूहे होते हैं, यहां के लोग मानते हैं कि इसे खाने से ताकत बढ़ती है और इसमें काफी मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। इन चूहों का प्रयोग चीनी चिकित्सा में बड़े पैमाने परकिया जाता है।
किसानों से लेकर चूहों का कत्ल हो रहा :चीन में महामारी के केंद्र रहे हुबेई प्रांत के शियानन शहर में हाल ही में 900 बैम्बू रेट्स को दफनाया गया। ये चूहे स्थानीय किसान ने पाले थे, जिससे ये बरामद किए गए और कार्रवाई हुई। चूहों के अलावा 7 सेही को मारा गया, जिसका वजन 140 किलो था। चूहों को मारने से पहले इन पर लाइम पाउडर छिड़का गया ताकि संक्रमण का खतरा कम हो।बांस के तने में रहते हैं ये चूहे :चीनी बैम्बू रैट्स को 'झू सू' के नाम से भी जाना जाता है। ये लम्बे और मोटे होते हैं। ये जंगलों में मौजूद बांस के तनों में अपना घर बनाकर रहते हैं, इसलिए इनका नाम बैम्बू रेट्स पड़ा।इनका वजन 5 किलो तक होता है। चीनी बैम्बू रैट्स की लम्बाई 17 इंच तक होती है।चीनी दवाओं में होता है प्रयोग :बैम्बू रेट्स का इस्तेमाल चीन की परंपरागत चिकित्सा में होता है। चिकित्सा पद्धति का मानना है कि इन चूहों का मीट खाने से शरीर से जहरीले तत्व निकल जाते हैं। पद्धति के मुताबिक इसे खाने सेपेट और तिल्ली यानी स्प्लीन की कार्यक्षमता बेहतर होती है। चीन के किसानों को इन चूहों का व्यापार करने पर अच्छी कमाई होती है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में इन्हें अधिक पाला जाता है।चूहे की डिशेज हैं चीन में फेम :चूहे के व्यवसाय से जुड़े झुसू का कहना है कि एक जिंदा बैम्बू रैट्स की कीमत 10 हजार रुपए तक हो सकती है। एक किलो ग्रिल्ड किया हुआ चूहा 3 हजार रुपए तक मिलता है। झुसू के ब्रीडिंग फोरम के ऑनलाइन पेज में इस चूहे को 30 तरह से तैयार करने की रेसिपी बताई गई हैं। इसे रोस्ट, गिल्स, फ्राई और सूप में पकाकर तैयार किया जा रहा है। इसकी डिशेज चीन में फेमस हैं।चीन में जानवरों की भूमिका पर उठे सवाल :दिसम्बर में वुहान के बाजार से ही कोरोना फैलने की बात सामने आने के बाद कई बार जानवरों के व्यापार और चीन में इन्हें खाए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। चीन के महामारी विशेषज्ञा डॉ. झॉन्ग नेनशन का कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वायरस का सोर्स क्या है। कई एक्सपर्ट्स महामारी को फैलाने में चमगादड़ और पैंगोलिन की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं।जानवरों से जुड़ी गाइडलाइन जारी हुई थी : दक्षिणी चीन में जंगली जानवरों की फार्मिंग को लेकर गाइडलाइन जारी की गई थी। गाइडलाइन के मुताबिक, किसानों से जब्त किए गए जानवरों को वापस जंगलों में छोड़ा जाएगा या इनका इस्तेमाल रिसर्च में किया जाएगा। इंसान को कोई जानवर सौंपते समय सावधानी बरती जाएगी। ऐसे जानवर जिनसे संक्रमण का खतरा है उन्हें मार दिया जाएगा। किसानों को क्षतिपूर्ति के तौर पर 430 रुपए से लेकर 21 हजार रुपए प्रति जानवर तक दिया जाएगा।
No comments:
Post a Comment