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Tuesday, June 23, 2020
दो बहनों ने मृत पिता के जन्मदिन पर दान की किडनी, अब युवाओं को अंग दान के लिए कर रहीं हैं प्रेरित
आज के जमाने में लोग दूसरों को तो दूर अपनों को भी किडनी दान करने में संकोच करते हैं। वहीं, अमेरिका की दो बहनों ने हाल ही में दो अनजान लोगों को किडनी दान कर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी है। पिता को वे कितना चाहती थीं, इसका अंदाजापिता के साथ उनके बचपन के फोटो देखकर लगाया जा सकता है।
अमेरिका के इलिनोइस निवासी मार्क गोराल्स्की किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे। 2018 में उनका निधन हो गया। डॉक्टर्स का कहना था समय रहते उनकी किडनी बदल दी जाती तो वे बच सकते थे। उनकी बेटी बेथानी गोराल्स्की उन्हें किडनी देने के लिए तैयार थीं। पर डॉक्टर्स का कहना था उस वक्त उनके पिता ट्रांसप्लांट के लिए स्वस्थ नहीं थे।
पिता की मृत्यु के बाद दोनों बहनों बेथानी और हन्नाह ने पिता को श्रद्धांजलि स्वरूप अपनी किडनी दान करने का फैसला लिया। पिता के जन्मदिन पर किडनी दान करनेके बाद हन्नाह ने अपनेइंस्टाग्राम @Hannacures अकाउंट से पोस्ट कियाकि यदि आज आप होते तो 59 वर्ष के होते, जन्मदिन की बधाई हो पापा।
हन्नाह कहती हैं जब कोई आपकाअपना इस दुनिया से जाता है तो मनमें हर वक्त यही बात आती है कि हम उनके लिए ऐसा क्या करें जिससे उन्हें खुशी मिले। मैंने अपने पिता की खातिर किडनी दान की। मेरे पिता हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। मुझे लगता है कि उन्हें सम्मान देने का इससे अच्छा तरीका नहीं हो सकता था।बेथानी और हन्नाह को इस बात की खुशी है कि उनके इस प्रयास से किसी को नया जीवन मिला है। वे कहती हैं हमहर रोज उस अंजान व्यक्ति के लिए प्रेयर करते हैंजिसे किडनी ट्रांसप्लांट की गई है। अगर आज पापाहोते तो दूसरों की मदद के लिए वे भी यही करते। वो जहां भी होंगे, हमारे इस काम से बेहद खुश होंगे।हन्नाह के अनुसार अंग दान के लिए यंग एज आदर्श है क्योंकि इस उम्र में सर्जरी के बाद रिकवरी जल्दी हो जाती है। अगर आपके आसपास कोई शारीरिक रूप से तकलीफ में है तो उसकी तकलीफ दूर करने के लिए आपको मदद करना ही चाहिए। मैंने भी यही किया।
ये दोनों बहनें युवाओं को अंगदान के लिए प्रेरित करती हैं। वे इंस्टाग्राम पर अंगदान को बढ़ावा देने वाले पोस्ट अपलोड कर जागरुकता अभियान चला रही हैं। किडनी दान करने के बाद दोनों बहनें स्वस्थ हैं। वे कहती हैं कि उन्होंने सर्जरी के बाद मात्र 10 दिन में रिकवरी कर ली। बहनों ने कहा कि वे नहीं चाहतीं कि जो तकलीफ पिता ने झेली है, वह कोई और झेले।
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