ब्लड टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि कोरोना से संक्रमित किस मरीज में मौत का खतरा ज्यादा है। लंदन के फ्रेंसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने इसका नया तरीका ढूंढा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने ब्लड में मौजूद ऐसे 27 प्रोटीन का पता लगाया है जिसके स्तर को जानकर बताया जा सकता है कोविड-19 के मरीज की स्थिति सुधरेगी या और बिगड़ेगी।
स्पेक्ट्रोमीटर से कम कीमत में ज्यादा जांच संभव
शोधकर्ताओं के मुताबिक, मरीजों में कोरोना का कितना असर है, यह पता लगाने के लिए स्पेक्ट्रोमीटर की मदद ली जा सकती है। बेहद कम कीमत में ऐसा किया जा सकता है। ऐसे इक्विपमेंट अस्पतालों में उपलब्ध भी हैं। रिपोर्ट की मदद से शरीर में ब्लड प्रोटीन के पैटर्न को समझा जा सकता है।
इंटरल्यूकिन आईएल-6 प्रोटीन का कनेक्शन
शोधकर्ताओं की टीम ने बर्लिन के चैरिटी हॉस्पिटल में कोविड-19 के 48 मरीजों पर यह प्रयोग किया। परिणाम के रूप में सामने आया कि इंटरल्यूकिन आईएल-6 प्रोटीन का कनेक्शन शरीर में अंदरूनी सूजन से है। कोरोना के गंभीर मरीजों में यह प्रोटीन अधिक होने पर सूजन की वजह बनता है।
मरीज को किस स्तर के इलाज की जरूरत, पता चलेगा
सेल सिस्टम जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, ये प्रोटीन बायोमार्कर डॉक्टरों को ये बताने में मदद करेंगे कि मरीज कितना बीमार होगा अगर कोरोना का संक्रमण हुआ। इसके अलावा कोरोना के मरीज को किस हद तक इलाज की जरूरत है, इन प्रोटीन के पैटर्न को देखकर पता लगाया जा सकता है।
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