मोबाइल फोन सुरक्षा, मार्गदर्शन और जुड़ाव का एहसास देता है। पहले के दौर में मोबाइल फोन नहीं थे। कुछ घरों में लैंडलाइन होते थे, जो कभी चलते थे और कभी बिल्कुल काम करना बंद कर देते थे।
ख़ासतौर पर घर की महिलाओं के लिए यह सबसे बड़ी समस्या थी। घर के सदस्य बाहर कहां हैं, कब घर लौटेंगे जैसी तमाम परेशानियों से उन्हें हर रोज़ दो-चार होना पड़ता था। जब मोबाइल फोन आए तो महिलाओं की ये परेशानी दूर हो गई। इनके अलावा भी कई उलझनें सुलझीं, जिससे उनकी ज़िंदगी आसान हुई है।
जानकारी के स्रोत खुले
पहले महिलाओं का जीवन घर की चारदीवारी में ही गुज़र जाया करता था। घर के बाहर, देश और दुनिया में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी के साधन सीमित थे।
अब हर महिला के पास मोबाइल फोन है। सारी ख़बर मोबाइल से मिल जाती है। महिलाओं से संबंधित अधिकार और ज़रूरी जानकारियां उन तक पहुंच रही हैं, जिसने उन्हें जागरूक बनाने के साथ-साथ जानकार भी बनाया है।

आत्मनिर्भर हो गईं
रसोई या अन्य ज़रूरत के सामान के लिए महिलाएं परिवार में किसी न किसी सदस्य पर निर्भर हुआ करती थीं। पर अब स्मार्ट फोन के ज़रिए वे जो चाहे ले सकती हैं। घर का राशन, सिलेंडर, दवाइयां हों या ख़ुद की ज़रूरत का सामान, वे ख़ुद ऑनलाइन ख़रीद सकती हैं।
इसके अलावा कहीं जाना हो, तो कैब बुक करना या जीपीएस की मदद से रास्ते खोजना भी आसान हो गया है। इसके लिए उन्हें किसी की मदद का इंतज़ार नहीं करना पड़ता। कई घरेलू महिलाएं अपना बैंक खाता भी स्वयं संभालना सीख गई हैं।
सुरक्षा का सुकून है
पहले मोबाइल फोन जैसी सुविधा नहीं होती थी इसलिए ज़रूरत पड़ने पर बीच रास्ते में अपनों से बात करना या मदद लेना मुश्किल होता था। महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज़ से मोबाइल फोन मददगार साबित हुआ है।
फोन में परिवार और दोस्तों के फोन नंबर के साथ-साथ सुरक्षा के एप्स और एसओएस भी है। मोबाइल की इस ख़ासियत से किसी भी राह पर और मुश्किल वक़्त पर मदद के लिए फोन कर सकती हैं।
सीखकर आगे बढ़ीं
पहले और आज के समय में काफ़ी अंतर आ गया है। अब हर क्षेत्र में बदलाव और नए प्रयोग हो रहे हैं। वो पाककला हो या फैशन जगत, चित्रकारी हो या फोटोग्राफी, ऑनलाइन व्यापार हो या निवेश, जिस क्षेत्र का चाहे उदाहरण ले लें, आज मोबाइल इंटरनेट के ज़रिए महिलाएं बिना घर से बाहर निकले बहुत कुछ सीख रहीं हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।

दुनिया को बेहतर जाना
फोन पर ही उपलब्ध हैं दुनिया भर की सूचनाएं। इसका भंडार हाथ में लिए घूमती हैं आज की महिलाएं। उन्हें वित्त संबंधी मामलों के लिए भी किसी पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं रह गई है।
अपनों से दूर रहकर भी वे अब उनके पास ही हैं। किसी से अहसान लेने की ज़रूरत नहीं कि मां-पिता या भाई से बात करा दें। अपनों का बेहतर ख़्याल रखने की भी सुविधा मोबाइल ने दी है।
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