आजकल हर फोन कॉल या वीडियो चैट महज़ एकाध मिनट के बाद ही औपचारिक सवालों पर आ जाती है। करें क्या, कौन-सी नई बात करें? अगर आपकी भी यही परेशानी है, तो आपको चंद उपाय बताते हैं, जो आपके अपनों के साथ वीडियो कॉल्स को औपचारिकता से बचाकर दिलचस्प बना सकते हैं।
आज के दौर में अधिकांश समय घर पर ही गुज़र रहा है। घर से बाहर न तो दोस्तों और क़रीबियों से मुलाक़ात कर सकते हैं और न ही किसी को घर पर बुला सकते हैं। कितना लंबा वक़्त हो चला है अपनों से खुलकर मिले-जुले।
इन हालात में वीडियो कॉल ही एक ज़रिया है उनसे संवाद का। इस वर्चुअल मुलाक़ात में जब चाहें और जितना समय चाहें साथ गुज़ार सकते हैं। चलिए, औपचारिक सवालों को परे करके, इन मुलाक़ातों को मज़ेदार बनाते हैं।

1. यादें ताज़ा करें
कई बार मोबाइल या सोशल मीडिया पर जब पुरानी तस्वीरें मिलती होंगी, तो दोस्तों और क़रीबियों को दिखाकर यादें ज़रूर ताज़ा करते होंगे। अब उसकी कमी महसूस तो कर ही रहे होंगे। वीडियो कॉल पर यही तस्वीरें उनके साथ बांटकर यादें ताज़ा कर सकते हैं।
कई दोस्तों को साथ जोड़कर बातों ही बातों में पुराने क़िस्से और कहानियां याद करते हुए माहौल ख़ुशगवार बना सकते हैं। इसके अलावा कुछ अपने मज़ेदार क़िस्से भी एक-दूसरे को सुना सकते हैं।
2. गतिविधियां कराएं
कई बार बड़ों की बातचीत के बीच बच्चे ऊब जाते हैं या फिर उनसे बात करने से कतराते हैं। ऐसे में बातों को दिलचस्प बनाने के लिए जोक्स, कहानियां सुना सकते हैं। इसके अलावा, बच्चों के खेल, अंताक्षरी, क्लैप सॉन्ग जैसे गेम्स खेल सकते हैं।
परिवार के बच्चों को एक-साथ पेंटिंग करने के लिए कह सकते हैं। अगर हो सके तो बच्चों के साथ-साथ बड़े भी इसमें हिस्सा लें, ताकि उनके और बच्चों के बीच हिचकिचाहट दूर हो सके।

3. एक-दूसरे से सीखें
अगर क़रीबी या दोस्त किसी कार्य में अच्छे हैं या उनमें कोई कला है, तो दूर रहकर भी उनसे सीख सकते हैं। वीडियो कॉल पर उनसे बातचीत के साथ-साथ उनकी कला भी सीखते रहें। आपके पास जो कला है, आप उन्हें सिखा सकते हैं।
अगर दोस्त अन्य भाषा जानते हों तो बातों-बातों में वो भी सीख सकते हैं। इससे वीडियो कॉल रोचक बनेगा, कुछ नया सीख पाएंगे और बातचीत में ऊब नहीं होगी। यदि दोस्तों के साथ व्यायाम, डांस या एक्टिंग क्लास जाते थे, तो वीडियो कॉल पर बातें करते-करते उनका अभ्यास भी साथ-साथ कर सकते हैं।
4. खाने पर साथ बैठें
वीडियो कॉल के ज़रिए दूर रह रहे रिश्तेदारों या क़रीबियों के साथ खाना खाने की योजना बना सकते हैं। दोनों परिवार भोजन का समय तय कर लें कि किस समय एक साथ बैठकर खाना खा सकते हैं। दोनों खाने की एक ही सूची तय कर सकते हैं।
अपने-अपने घर से वीडियो कॉल पर जुड़कर भोजन के साथ बातों का सिलसिला भी चलेगा। बच्चों को भी अच्छा महसूस होगा। ध्यान रहे, इसके लिए आपको मोबाइल या लैपटॉप दूर जमाना होगा, ताकि खाने में सहूलियत रहे। और हां, ध्यान खाने पर अधिक रहे, बातचीत पर कम।
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