ऐसी महिलाएं जो लगातार हेयर डाई का इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें वैज्ञानिकों ने सलाह दी है। वैज्ञानिकों का कहना है, हेयर डाई का इस्तेमाल करती हैं तो ब्रेस्ट, स्किन और ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च में यह सामने आया है। बीएमजे जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, नेचुरल हेयर कलर से भी कैंसर का खतरा रहता है।
इसलिए महिलाओं में खतरा ज्यादा
रिसर्च के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप में 50-80 फीसदी महिलाएं बालों को कलर कराती हैं। इसलिए इनमें कैंसर का खतरा भी अधिक है। वहीं, पुरुषों में यह आंकड़ा मात्र 10 फीसदी ही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च के वैज्ञानिकों ने हेयर डाई को पहले ही कैंसर का खतरा बढ़ाने वाली चीजों में शामिल कर रखा है।
हेयर डाई और कैंसर के खतरे के बीच सम्बंध समझने के लिए 1,17,200 महिलाओं पर रिसर्च की। इन महिलाओं में से किसी को भी कैंसर नहीं था और न ही इनके परिवार में कोई हिस्ट्री थी। इन महिलाओं पर 36 साल तक नजर रखने के बाद नतीजे जारी किए गए।
हेयर डाई में ऐसे रसायन होते हैं तो काफी खतरनाक हैं। इनमें आमोनिया, परऑक्साइड, पी-फेनिलेनेडायमाइन, डाईअमीनोबेंजीन, टॉलुइन-2, 5-डाईअमीन और रिसॉर्सिनॉल शामिल हैं।
डाई से कैसे हो सकता है कैंसर
कैंसर की प्रमुख वेबसाइट cancer.org के मुताबिक, हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल ऐसे होते हैं जिसे सिर की स्किन कम मात्रा में एब्जॉर्ब कर लेती है या हवा में मौजूद इनकी गंध सांस के जरिए शरीर में पहुंचती है। जो खतरनाक है।
ऐसे लोग जो अक्सर डाई करते हैं, हेयरड्रेसर या स्टाइलिस्ट या सैलून में काम करते हैं, इन्हें भी खतरा है।
कैंसर का खतरा कम करने के लिए ये ध्यान रखें
- डाई करते समय ध्यान रखें कि इसे सिर्फ बालों पर लगाएं स्कैल्प पर न लगने दें।
- डाई को सूखने के बाद बालों को अच्छी तरह पानी से धोएं।
- डाई करते समय दस्ताने पहनना न भूलें।
- जो निर्देश पैकेट पर लिखे हों उसे ही फॉलो करें। इसमें बदलाव न करें।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3maGXlI
No comments:
Post a Comment