41 वर्षीय ए के सबिता के पास एक 23 साल की लड़की का फोन आया। इस लड़की की कुछ ही दिनों बाद शादी होने वाली थी। ये लड़की पैसों की तंगी के चलते अपनी शादी के लिए कपड़े नहीं खरीद पा रही थी। वह सबिता के आठ साल पुराने बुटीक के बारे में जानती थी। इसलिए उसने सबिता को फोन लगाया ताकि उसकी मदद से लड़की को शादी के लिए मुफ्त में कपड़े मिल सकें।
सबिता ने इस लड़की की मदद की और उसे ब्राइडल ड्रेस के साथ-साथ एसेसरीज भी दीं ताकि वह अपनी शादी में किसी तरह की कमी महसूस न करे। उसने इस ड्रेस के बदले कोई चार्ज नहीं किया। सबिता का माननाा है कि अगर इसी तरह कई जरूरतमंद लड़कियों की मदद की जाए तो उनका शादी के दिन पहने जाने वाले डिजाइनर कपड़ों का सपना पूरा हो सकता है। अपनी इसी सोच के साथ सबिता ने दुल्हन को मुफ्त में ब्राइडल ड्रेस देने की शुरुआत की थी।

सबिता ने सोशल मीडिया पर इस पहल के प्रति जब लोगों को आगाह किया तो ऐसे कई लोग थे जो उसकी मदद के लिए आगे आए। कई महिलाओं ने अपनी शादी की ड्रेस सबिता के इस नेक काम में डोनेट की। उनका कहना था कि वैसे भी ब्राइडल ड्रेस सिर्फ शादी वाले दिन पहनी जाती है। उसके बाद वह घर में रखी रहती है और यूं ही पुरानी हो जाती है। सबिता को इस बात की खुशी है कि उनके द्वारा शुरू किए गए इस नेक काम के लिए न सिर्फ मुंबई, एर्नाकुलम, कोची, दुबई बल्कि अन्य अमेरिकी देशों से भी महिलाओं ने अपनी वेडिंग ड्रेस भिजवाई।
एक महिला ने सबिता के पास अपनी जिस वेडिंग ड्रेस को जरूरतमंद लड़कियों के लिए भेजा, उसकी कीमत 1 लाख रुपए थी। सबिता ने इन सभी ब्राइडल ड्रेस को संभालकर रखने और जरूरतमंद ब्राइड्स तक पहुंचाने के लिए केरल के कुन्नूर में अपने बुटिक की शुरुआत की।

सबिता को कई महिलाओं ने इन ब्राइड्स की मदद के लिए फुटवियर्स, ज्वेलरी, बेडशीट्स और मेकअप सेट्स भी दिए। फिलहाल सबिता ने अपने आउटलेट्स तिरूवनंतपुरम, कोल्लम, एर्नाकुलम, कासरगोद, कोजिकोड़ में भी खोले हैं। पिछले महीने सबिता ने 300 दुल्हनों को ब्राउइल ड्रेस दी हैं। उनके बुटिक में दुल्हनों के लिए सब्यसाची और रितु कुमार द्वारा डिजाइन किए गए कपड़े भी हैं। इन दुल्हनों के शादी के दिन को खास बनाने के लिए सबिता ने फ्री में मेकअप अरैंजमेंट भी किया है।
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