जब भारत में पहले प्लस साइज फैशन शो का आयोजन हुआ तो नेहा परूलकर ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कैटवॉक की। नेहा पिछले चार सालों से प्लस साइज मॉडल के तौर पर छाई हुई हैं। वे भारतीय समाज में मॉडल की छवि बदलने में अहम भूमिका अदा कर रही हैं।
जब नेहा से उनके मॉडलिंग के सफर की बात की जाती है तो वे कहती हैं इंडियन ग्लैमर इंडस्ट्री के बारे में मुझे कोई आइडिया नहीं था। हालांकि वे ये बात बहुत अच्छी तरह जानती थी कि बॉडी पॉजिटिविटी और प्लस साइज मॉडल का क्रेज चाहे विदेशों में खूब हो लेकिन भारत में अभी लोग इस बारे में नहीं जानते हैं।

पहली बार 2016 में भारत में प्लस साइज मॉडल का फैशन शो हुआ। इसमें 10 महिला और पुरुष मॉडल्स ने हिस्सा लिया था जिसमें से एक नेहा भी थी। उसके बाद नेहा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने कई मॉडलिंग प्रोजेक्ट साइन किए।
नेहा के लिए सबसे बड़ा चैलेंज हमारे देश के लोगों की मानसिकता बदलना ही रहा। यहां प्लस साइज मॉडलिंग के बारे में लोगों को समझाना मुश्किल है। आमतौर पर यहां के लोग यह मानते हैं कि प्लस साइज मॉडल यानी स्लिम और गॉर्जियस। आज भी भारत के अधिकांश ब्रांड्स स्लिम मॉडल्स को ही साइन करते हैं। उनके पास नेहा की तरह प्लस साइज मॉडल के लिए कोई विकल्प नहीं होता।

अधिकांश मॉडलिंग एजेंसी भी इन मॉडल्स के साथ काम करना खतरे से खाली नहीं मानती। उन्हें लगता है कि अगर प्लस साइज मॉडल्स को पसंद नहीं किया गया तो उनकी मेहनत बेकार चली जाएगी। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई यूजर्स हैं जो नेहा जैसे प्लस साइज मॉडल्स को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं गंवाते।
नेहा कहती हैं - सोशल मीडिया पर लोगों के कमेंट्स पढ़कर कई बार ऐसा लगता है जैसे इन्हें दूसरों की भावनाओं से कोई मतलब नहीं है। नेहा के लिए एक दिन भी ऐसा नहीं गया जब सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें मोटापे का अहसास न दिलाया हो। लेकिन इस तरह की बातों से नेहा को कोई फर्क नहीं पड़ता।
उनके साथ जब भी ऐसा हुआ कि किसी ने उनकी बुराई की हो या कोई निगेटिव कमेंट्स किया तो वे ऐसे लोगों की बातों पर ध्यान देने के बजाय यूजर्स के पॉजिटिव कमेंट्स पर ध्यान देती हैं ताकि उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिले।

नेहा के अनुसार, भारतीय फैशन इंडस्ट्री में जिस चीज की कमी है वो है मॉडल्स को सही अवसर न मिल पाना। नेहा के साथ ऐसा कई बार हुआ जब उन्हें फ्री में काम करना पड़ा या उनकी डील कैंसिल हो गई।
नेहा लोगों को ये समझाना चाहती हैं कि सिर्फ मोटापा किसी की पहचान नहीं हो सकता। किसी भी इंसान को उसके वजन के आधार पर नहीं आंका जा सकता है। प्लस साइज महिला हो या पुरुष, दोनों में योग्यता की कमी नहीं होती। उन्हें सिर्फ सही मौका मिलने की जरूरत है।

वे उन तमाम लड़ृकियों को मैसेज देना चाहती है जो अपने मोटापे की वजह से निराश हैं। वे कहती है - ''ईश्वर ने हमें एक ही जिंदगी दी है। इसे किसी की बातों में आकर बर्बाद मत कीजिए। लोग क्या कहेंगे, इस बात को भुलकर अपने सपने पूरे करने में जुट जाइए। खुद से प्यार करना सीखिए तो जिंदगी उतनी मुश्किल नहीं होगी जितना नजर आती है''।
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