Friday, February 1, 2019

Budget 2019 Expectations /अंतरिम बजट 2019 से महिलाओं, किसानों, व्यापारियों, युवाओं और बुजुर्गों समेत हर वर्ग को है उम्मीदें

Budget 2019 Expectations / नई दिल्ली. आज संसद में कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल मोदी सरकार का पांचवा और आखिरी बजट पेश करेंगे। चूंकि ये चुनावी साल मेें पेश होने जा रहा बजट है लिहाज़ा इसे अंतरिम बजट कहा जा रहा है। ये बजट एक सीमित अवधि यानि कि नई सरकार बनने तक के लिए ही पेश होगा इसके बाद नई सरकार आएगी और नया बजट पेश होगा। वही इस बजट से हर वर्ग को कुछ ना कुछ उम्मीदें ज़रूर है। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, व्यापारियों, किसानों और सैलरी क्लास हर किसी को बजट से कुछ ना कुछ ज़रूर चाहिए आइए जानने की कोशिश करते हैं कि हर वर्ग को अंतरिम बजट 2019 से क्या आशाएं हैं-युवाओं को बजट से अपेक्षाएंबात सबसे पहले युवाओं की करते हैं जिनके लिए सबसे बड़ा मुद्दा है बेरोज़गारी है। युवा को बस उम्मीद है कि सरकार नई नौकरियों के अवसर युवओं के लिए लाएं।बुजुर्गों को भी बजट से कई उम्मीदेंयूं को बुजुर्गों के लिए हर साल बजट में कुछ न कुछ घोषित जरूर होता है। बजट 2018 में भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये के ब्याज को टैक्स फ्री कर दिया गया था तो वही सेक्शन 80DDB के तहत कुछ खास गंभीर बीमारियों के इलाज पर खर्च के लिए टैक्स छूट की सीमा में भी बढ़ोतरी की गई थी तब टैक्स छूट की सीमा 60,000 रुपये और 80,000 रुपये से बढ़ाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपये कर दी गई थी। लिहाजा अब बुजुर्गों को इस अंतरिम बजट से भी कई उम्मीदें हैं।महिलाओं को बजट से हैं कई आशामहिलाओं को भी इस अंतरिम बजट से कई उम्मीदें हैं। सोने के आभूषण से लेकर ग्रोसरी तक..हर चीज़ के दामों में कटौती हर महिला चाहती है। महिलाओं को एजुकेशन लोन पर दिए गए इंटरेस्ट अमाउंट पर, सेक्शन 80E के तहत टैक्स छूट मिलता है। 2006 में इसकी शुरुआत हुई थी लेकिन आज तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन अब महिलाओ को उम्मीद है कि इसकी टैक्स छूट सीमा को अब बढ़ाया जाएगाव्यापारियों को भी बजट से आसछोटे व्यापारियों को जहां मंडी शुल्क हटाए जाने की उम्मीद है तो वही बड़े व्यापारियों को जीएसटी में राहत की उम्मीद इस अंतरिम बजट से है।सैलरी क्लाससैलरी क्लास को केवल एक ही चीज़ की उम्मीद है कि उसे इनकम टैक्स स्लैब मे छूट मिले। लोगों में आस है कि 2.5 लाख रु. की टैक्स छूट सीमा को बढ़ाकर 3 लाख कर दिया जाए। पिछले बजट में 2.5 लाख रु. से 5 लाख रु. प्रति वर्ष की आय सीमा में आने वाले लोगों के 10% इनकम टैक्स रेट को घटाकर 5% कर दिया गया था। जबकि 5 लाख रु. से 10 लाख रु. की आय सीमा में आने वाले लोगों को 20 फीसदी इनकम टैक्स देना होता है। लेकिन अब लोगों को उम्मीद है कि इसमें कुछ रियायत दी जाए।किसानों को उम्मीदकिसानों का जिक्र हर बजट में ज़रूर होता है तो साथ ही कुछ ना कुछ बजट में इस वर्ग के लिए ज़रूर होता है। किसानों की आय बढ़ाने और उनकी कर्जमाफी को लेकर कोई घोषणा सरकार करें ऐसीउम्मीदे किसानों को इस अंरिम बजट से है।

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