हेल्थ डेस्क. केरल में पहली बार डॉक्टरों ने कोरोनावायरस के मरीजों पर इलाज के लिए एचआईवी ड्रग का इस्तेमाल किया है। एचआईवी ड्रग केकॉम्बिनेशन में लोपिनाविर और रिटोनाविर दवा शामिल है जिसे केरल के एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना मरीजों को दिया गया है। मनाेरमा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हॉस्पिटल में कोरोना के तीन मरीज भर्ती हुए हैं, इसमें एक बच्चा भी है। मरीजों को इस दवा का कॉम्बिनेशन दिया गया है और अब उनकी हालत में सुधार है।
क्या है ड्रग की खासियत
लोपिनाविर और रिटोनाविर एंटी रेट्रोवायरल दवा है। जो एड्स के वायरस (एचआईवी) को शरीर में घुसने से रोकती हैं। हालिया एक शोध के मुताबिक, ये दवा नए कोरोनावायरस के मरीजों में सुधार के लिए बेहतर है। भारत इस समय इन दोनोंदवाइयों का निर्यात अफ्रीकी देशों को करता है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने आईसीएमआर को इस बात की अनुमति दी है कि Covid-19के इलाज में एंटी एचआईवी दवाइयों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
राजस्थान और ओडिशा में भी हुआ इस्तेमाल
कोरोना के मामले में ड्रग के इस कॉम्बिनेशनका इस्तेमाल दुनिया के कई हिस्सों में किया गया है, जिसमें कोरोनावायरस का गढ़ वुहान भी शामिल है। राजस्थान और ओडिशा के हास्पिटलमें इस कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल किया गया है।
मरीज पर सकारात्मक असर
इटली से भारत आई दंपति के इलाज में लोपिनाविर और रिटोनाविर कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल किया गया। दंपती को जयपुर में कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डीजी डॉक्टर बलराम भार्गव के मुताबिक, दंपति की सहमति लेकर दोनों दवाई दी गईं। इसका असर अच्छा हुआ। 14 दिनों बाद अब वे लगभग स्वस्थ हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bk9Vtx
No comments:
Post a Comment