कोविड-19 काल में रिसचर्स ने ये साबित किया कि लॉकडाउन के दौरान पुरुषों और टीनएजर्स की अपेक्षा महिलाएं शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव रहीं।
बीएमजे ओपन स्पोर्ट में प्रकाशित इस रिसर्च के लिए 911 ब्रिटेनके वयस्कों को चुना गया। ये एक ऑनलाइन सर्वे था जो 17 मार्च से शुरू हुआ।इस स्टडी के मुख्य लेखक डॉ. ली स्मिथ एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड के प्रोफेसरहैं।
इस गाइडलाइन का पालन करते हैं
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार कोरोना काल में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 150 मिनट की मॉडरेट फिजिकल एक्टिविटी हर हफ्ते करना चाहिए।
शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्रिटेन के 75% वयस्क WHO की इस गाइडलाइन का पालन करते हैं।
टीनएजर्स की संख्या महिलाओं से अधिक थी
अपनी फिटनेस के प्रति जागरूक रहने वाले युवाओं की संख्या कोरोना काल में बढ़ी है। कोरोना काल से पहले किए गए शोध ने ये साबित किया था कि ब्रिटेन के लगभग 66% वयस्क फिजिकली एक्टिव हैं।
इस शोध में अपनी फिटनेस पर ध्यान देने वाले पुरुषों और टीनएजर्स की संख्या महिलाओं से अधिक थी।
पुरुषों की एक्टिवनेस में गिरावट आई
लॉकडाउन की वजह से घर से बाहर न निकलना या आउटडोर एक्सरसाइज न कर पाने की वजह से पुरुषों की एक्टिवनेस में गिरावट आई है।
इस दौरान पुरुषों से ज्यादा एक्टिव महिलाएं रहीं। स्मिथ कहते हैं कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पुरुषों को अपनी सक्रियता पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इन्हें इस दिशा में प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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